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लाल डायरी विवाद के बाद गुढ़ा को गिरफ्तारी का भय क्यों? जोधपुर पॉक्सो केस से क्या है संबंध…?

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– जयपुर में बुधवार को मीडिया से बात कर जताई थी शंका, अगली सुबह जोधपुर की पीपाड़ शहर पुलिस घर जा पहुंची

– पुलिस अफसरों के बयान बेहद संतुलित, फिर ऊंट किस करवट बैठेगा?

नारद जोधपुर/जयपुर। प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला देने वाली लाल डायरी का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि लाल डायरी का मुद्दा उछालकर चर्चा में बने रहने वाले पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने बुधवार सुबह मीडिया से बात कर खुद की गिरफ्तारी की आशंका जताई थी, वहीं इसकी अगली ही सुबह जोधपुर ग्रामीण पुलिस की पीपाड़ थाने की एक टीम जयपुर स्थित गुढ़ा के घर पहुंच गई। हालांकि, पुलिस ने मीडिया से बचने के लिए भले ही निजी गाड़ी और सादा वर्दी में खुद की पहचान छुपाने की कोशिश की, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए। कुछ देर के लिए ही सही, पुलिस टीम एकबारगी गुढ़ा के घर पहुंची और वापस भी निकल गई। बाद में जोधपुर (ग्रामीण) पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि पीपाड़ थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस टीम जयपुर गई थी।

पीपाड़ थाने का पॉक्सो केस और गुढ़ा से कनेक्शन

दरअसल, 2 जुलाई को जोधपुर ग्रामीण पुलिस के पीपाड़ थाने में एक नाबालिग बच्ची को अगवा करने और उससे रेप किए जाने के संबंध में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें बताया जा रहा है कि नाबालिग को जयपुर में राजेंद्र गुढ़ा के सरकारी आवास परिसर में बने गार्ड रूम में रखा गया था। जबकि, परिसर में अस्थाई रैन बसेरे में नाबालिग से रेप किए जाने के आरोप हैं। इसी मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के आधार पर मौका तस्दीक की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पीपाड़ थानाधिकारी घेवरसिंह की टीम जयपुर गई थी। इस टीम ने गार्ड रूम के सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ बंगले के मुख्य द्वार पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली।

# Jodhpur Police reached at Rajendra Gudha’s bungalow

पुलिस अफसरों के बयान बेहद संतुलित, फिर ऊंट किस करवट बैठेगा?

फिलहाल पुलिस इस मामले में संतुलित बयान दे रही है, जिसमें न तो गुढ़ा को क्लीन चिट ही दी जा रही है और न ही दोषी माना जा रहा है। इतना ही नहीं, पीपाड़ थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट के इस मामले में दो आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।पूछताछ के बाद पुलिस की यह जांच किस दिशा में जाएगी, इस पर फिलहाल खामोशी देखने को मिल रही है। यानि, राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा, ये आने वाले दिनों में पता चल पाएगा।

पुलिस अधीक्षक (जोधपुर ग्रामीण) धर्मेंद्रसिंह यादव ने कहा – जांच चल रही है…

लाल डायरी से बाहर निकले तीन पन्नों के बाद सताने लगा भय

राज्य सरकार द्वारा मंत्री पद से बर्खास्त किए जाने के बाद विद्रोह का बिगुल तेज करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने सरकार व मुख्यमंत्री गहलोत पर एक के बाद एक लगातार हमले जारी रखे। बुधवार को अपने जयपुर स्थित सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद की गिरफ्तारी का भय जताया था। इसकी वजह लाल डायरी के तीन पन्ने, जिसमें मुख्यमंत्री गहलोत के बेटे वैभव गहलोत, मुख्यमंत्री के निजी सचिव और विधानसभा अध्यक्ष के नाम के साथ राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव में हुए लेनदेन का जिक्र उजागर करना था। संभवतया इसके साथ ही गुढ़ा को किसी न किसी केस में खुद की गिरफ्तारी की आशंका भी हो चुकी थी या यूं कहें कि उन्हें इसकी भनक लग चुकी थी। गुरुवार को राजेंद्र गुढ़ा अपने विधानसभा क्षेत्र उदयपुरवाटी में यात्रा निकाल रहे हैं। वहीं उनकी गैर मौजूदगी में जोधपुर पुलिस टीम उनके जयपुर स्थित आवास पर पहुंची।  

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