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जिस पर बात करते हुए भी लोग हिचकिचाते हैं उस अनकही सच्चाई को दिखाया गया नाटक नरवैदेही में

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– मानसिकता की विकृति को बयां करता नाटक नरवैदेही का प्रभावी मंचन

– ओम शिवपुरी नाट्य समारोह के तीसरे नाटक नरवैदही का मंचन

नारद जोधपुर। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर के तत्वावधान में इकत्तीसवें ओम शिवपुरी नाट्य समारोह के तीसरे दिन बुधवार की शाम जयपुर के रंग मस्ताने ग्रुप के बैनर तले अकादमी का ’युवा नाट्य निर्देशन पुरस्कार’ और बिस्मिल्लाह ख़ान पुरस्कार प्राप्त अभिषेक मुद्गल के निर्देशन में अनिल मारवाड़ी रचित नाटक नरवैदेही का मंचन हुआ। अकादमी सचिव लक्ष्मीनारायण बैरवा ने बताया कि नवीनीकृत टाउन हॉल में आयोजित छः दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय नाट्य समारोह की तीसरी सांझ एक संवेदनशील विषय पर बुने हुए घटनाक्रम पर नाटक ’नरवैदेही’ का सफल मंचन किया गया जिसमें समाज की एक एसी अनकही सच्चाई को दिखाया गया है जिस पर बात करते हुए भी लोग हिचकिचाते हैं।

कहानी रामलीला मंडली के इर्द गिर्द घूमती है जिसमें गांव का मुखिया एक लड़की को रामलीला मंडली में नचाने की बात करता है, लड़की का प्रबन्ध नहीं हो पाने की स्थिति में सीता का पात्र निभाने वाले पुरूष कलाकार पर मुखिया की गंदी नज़र पड़ती है। राम की भूमिका निभाने वाला एक मज़दूर है जो सीता का पात्र निभाने वाले आदमी पर मोहित है। मारीच, कोच साहब को मुखिया के बारे में बताता है। सीता नाचने से मना कर देती है तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। लड़की की वेषभूषा में दिशा नामक भूमिका निभाने वाला लड़का सीता के साथ संवाद करके अपने जीवन की कहानियां कहता है और अन्त में नृत्य भी करता है, जिसे बाद में मण्डली में शामिल कर लिया जाता है। कलाकारों की परेशानियों को इंगित करते हुए अन्त में दिशा नामक पात्र निभाने वाले लड़के को ही सीता का रोल दे दिया जाता है।

अभिनय कौशल से इन्होंने किया प्रभावित

मंच पर सीता की भूमिका में राहुल पारीक, राम के रूप में श्वेता चौलागाई खत्री, रावण बने गिरीश यादव तथा हनुमान के रूप में देव स्वामी ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी, अमित चौधरी, सुधांशु शुक्ला, प्रंजल उपाध्याय, गरिमा सिंह, प्रीतम सिंह, सिमरन जैन ,रंजना चौधरी, युवराज घककर, अंकिता शर्मा, श्योजित कुमार व अक्षय खोड़ा ने अपने अपने पात्रों के साथ न्याय किया वहीं लाईट पर अकादमी पुरस्कार प्राप्त शहज़ोर अली, संगीत संचालन सुधांशु शुक्ला, मंच निर्माण व सहयोग उत्सव अत्रि, अमित चौधरी व गरिमा सिंह राजावत का रहा, नाटक के निर्देशक अभिषेक मुद्गल का अभिनंदन अकादमी सचिव एल एन बेरवा ने पुष्प गुच्छ व मोमेंटो दे कर किया तथा संचालन एम. एस. ज़ई ने किया।

‘मिराज’ का मंथन गुरुवार को

गुरूवार 19 अक्टूबर को अनन्या मुखर्जी रचित पटना के रणधीर कुमार निर्देशित नाटक ’मिराज’ का मंचन किया जाएगा।

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