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शेखावत की तिरछी नजर…इन छह सीट में से कहां पर टिकेगी : सरदारपुरा मुश्किल, सुरक्षित सीट की तलाश

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प्रवीण धींगरा
जोधपुर। मोदी के मिशन-2024 के लिए राजस्थान खास है। यही वजह है कि अब तक भाजपा सात सांसदों को विधानसभा के रण में उतार चुकी है। अब बात हो रही है जोधपुर से दो बार सांसद व केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर। भाजपा के सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव तो उन्हें भी लड़ना ही पड़ेगा। बात सीट पर अटकी हुई है। कोई सरदारपुरा से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने लड़ने के कयास लगा रहा है तो कोई सूरसागर को सुरक्षित सीट मानकर यहां मैदान में आने की। बात तो यह भी चल रही है कि वे जोधपुर शहर की तीनों सीट छोड़कर जिले की किसी दूसरी या फिर आस-पास के जिलों में किसी सीट पर चुनाव लड़ सकते हैं। यह बात अलग है कि पार्टी उन्हें सरदारपुरा में गहलोत को चुनौती देने के लिए ‘दमदार’मान रही है, जबकि वे खुद कहीं और सीट तलाश रहे है।
सरदारपुरा : मुख्यमंत्री गहलोत को चुनौती देना इतना आसान नहीं, शेखावत यहां लोकसभा में मात्र 18 हजार की बढ़त ले पाए थे, सुरक्षित नहीं।
सूरसागर : गहलोत यहां पासा पलट सकते है, पहले वाला सीन नहीं, हालांकि शेखावत को लोकसभा में यहां से 41 हजार की लीड मिली थी।
जोधपुर शहर : यह सीट विकल्प हो सकती है, लेकिन इसके बदले भाजपा को महाजन के लिए दूसरी सीट देना आसान नहीं होगा, इसलिए संशय।
लूणी : मंथन इस सीट पर भी हो रहा है, पटेल वोट कैसे मैनेज करेंगे, यह सवाल है तो कार सेवा का खतरा भी इस सीट पर हो सकता है।
पोकरण : महंत प्रताप पुरी को जैसलमेर से टिकट देकर शेखावत को यहां से उतार सकते है, वोटों के ध्रुवीकरण के सहारे सीट सुरक्षित हो सकती है।
लोहावट : यही आसान दिख रही, त्रिकोणिय मुकाबले की स्क्रीप्ट लिख दी जाए तो यहां से निकलना आसान हो सकता है, कार सेवा का खतरा भी।

‘पार्टी कहेगी तो किसी भी सीट से चुनाव लड़ने को तैयार’
आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में शेखावत ने कहा-पार्टी मंच पर अभी ऐसी कोई चर्चा नहीं है। दरअसल, आज तक किसी भी सांसद के कहीं से चुनाव लड़ने पर कोई चर्चा नहीं हुई है। पार्टी का संसदीय बोर्ड तय करता है कि कोई सांसद चुनाव लड़ेगा या संगठन के लिए काम करना जारी रखेगा… यह पार्टी का विशेषाधिकार है, और कोई भी अपने दम पर निर्णय नहीं ले सकता है। हालाँकि, मैं इस मामले में सरदारपुरा या किसी अन्य सीट से मैदान में उतारे जाने से नहीं डरता। अगर पार्टी मुझसे किसी भी सीट से चुनाव लड़ने को कहेगी तो मैं लड़ूंगा।
उम्मेद भवन की देहरी से इस बार उतरेगा प्रत्याशी
इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर राजपरिवार भी चर्चा में है। चर्चा है कि सरदारपुरा में गहलोत के सामने हेमलता राजे को लाया जा सकता है,हालांकि सूत्र बताते हैं कि राजपरिवार इसके लिए सहमत नहीं है। वे गहलोत के सामने नहीं आना चाहते। फिर बात हो रही है शहर विधानसभा सीट की। सूत्र बता रहे हैं कि राजपरिवार संसद का टिकट चाहता है। इस बात को गजसिंह के प्रधानमंत्री मोदी से एयरपोर्ट पर मुलाकात से हवा मिली है। ऐसे में यह बात हर कोई कर रहा है कि क्या इस बार उम्मेद भवन की देहरी से कोई प्रत्याशी बाहर निकलेगा। निकला तो क्या विधानसभा की देहरी पहुंचना चाहेगा।

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