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मुख्य सचिव उषा शर्मा एवं डीजीपी उमेश मिश्रा जोधपुर दौरे पर, संभाग के कलेक्टर्स व पुलिस अफसरों की ली बैठक

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– कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
– टीम भावना से दायित्वों को बेहतर ढंग से पूर्ण करें – मुख्य सचिव
– कानून व्यवस्था एवं शांति के लिए समन्वय से काम करें – डीजीपी
नारद जोधपुर। मुख्य सचिव उषा शर्मा एवं पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने जोधपुर पुलिस लाईन स्थित सरदार पटेल सभागार में शनिवार शाम जोधपुर संभाग में कानून व्यवस्था की स्थिति पर बैठक ली और विस्तार से तमाम बिन्दुओं पर समीक्षा करते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) राजीव शर्मा, एडीजी क्राइम (लॉ एंड ऑर्डर) एम.एन दिनेश, संभागीय आयुक्त  भंवर लाल मेहरा, जिला कलक्टरों सर्व हिमांशु गुप्ता(जोधपुर), आशीष गुप्ता (जैसलमेर), अरुण पुरोहित (बाड़मेर), डॉ. भंवरलाल (सिरोही) एवं निशांत जैन(जालौर) और नवगठित जिलों के विशेषाधिकारियों सर्व राजेन्द्र विजय (बालोतरा) तथा जसमीत सिंह संधू(फलौदी), पुलिस आयुक्त रवि दत्त गौड़, आईएएस प्रशिक्षु, नवनिर्मित जिलों के पुलिस विशेषाधिकारी एवं संभाग के प्रशासन तथा पुलिस के प्रमुख अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में संभागी अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में कानून व्यवस्था तथा इससे संबंधित तमाम विषयों पर प्रजेन्टेशन दिया।

विभिन्न आपराधिक प्रकरणों की क्षेत्रवार समीक्षा

मुख्य सचिव  उषा शर्मा एवं डीजीपी  उमेश मिश्रा ने बैठक में विगत 2 वर्ष में वर्षवार आपराधिक स्थिति, विशेष अधिनियम, महिला अत्याचार, लम्बित प्रकरणों के निस्तारण, आरोपियों की गिरफ्तारी, एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों, मादक पदार्थों एवं शराब तस्करी में लिप्त अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों के विरूद्ध कार्यवाही तथा संभाग के विभिन्न जिलों में सम सामयिक हालातों तथा ज्वलन्त समस्याओं पर विस्तार से समीक्षा की और इस दिशा में सख्त कार्यवाही किए जाने तथा लम्बित मामलों के निस्तारण के लिए समयबद्ध प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

निर्वाचन के मद्देनज़र बनाएं ठोस कार्ययोजना

मुख्य सचिव एवं डीजीपी ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र संभागी अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और निर्वाचन से संबंधित तैयारियों, निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना, प्रस्तावित तैयारियों से संबंधित कार्ययोजना, कानून व्यवस्था की दृष्टि से अन्तर्राज्यीय समन्वय, निगरानी, नाकों के चिह्निकरण, संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील बूथों व क्षेत्रों के चिह्निकरण एवं बूथों के भौतिक सत्यापन, निर्वाचन के मद्देनज़र सभी प्रकार के जरूरी ऐहतियाती उपायों को अपनाने आदि पर चर्चा की और इसके लिए पृथक-पृथक कार्ययोजना बनाकर समय रहते कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

शांति एवं सौहार्द सर्वोच्च प्राथमिकता पर

उषा शर्मा एवं  उमेश मिश्रा ने मानसून को दृष्टिगत रखते हुए आपदा प्रबन्धन की तैयारियों के प्रति गंभीर रहने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सर्वत्र शान्ति, साम्प्रदायिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए साम्प्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील मुद्दों व इनके समाधान पर चर्चा करते हुए प्रभावी एवं ठोस कार्ययोजना बनाने और आर्म्स एक्ट में अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों के निस्तारण पर जोर दिया।

सोशल मीडिया पर रखें पैनी निगाह

मुख्य सचिव ने पुलिस के इकबाल में अभिवृद्धि के लिए निरन्तर प्रयासरत रहने के साथ ही सोशल मीडिया पर पैनी नज़र रखने और बेहतर कर्त्तव्य निर्वहन के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में आई कमी को अच्छा संकेत बताया।

आमजन से संवाद करें, भ्रमण पर जोर

उन्होंने क्षेत्र में कम्युनिटी पोलिसिंग द्वारा किए जा रहे कार्यों की तारीफ की और इस दिशा में और अधिक कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण ओलंपिक जैसे नवाचारों से आमजन पुलिस एवं प्रशासन के करीब आएगा और उनका इस तंत्र में विश्वास पैदा होगा। उन्होंने आमजन में विश्वास पैदा करने के लिए तथा शांति बनाए रखने के लिए पारंपरिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया और कहा कि नियमित मॉनिटरिंग, भ्रमण एवं संवाद करें, इससे असामाजिक तत्वों में भय उत्पन्न होगा।

पुलिस के प्रति पैदा करें प्रगाढ़ विश्वास

डीजीपी ने महिला अपराध एवं बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए स्पेशल स्क्वाड्स बनाकर समाज में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि समाज में यह विश्वास प्रगाढ़ होना चाहिए कि पुलिस उनकी रक्षा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने सीमावर्ती बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में विशेष रूप से इंटेलिजेंस, आर्मी, बीएसएफ आदि के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया।

नवाचारों को अपनाएं

डीजीपी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मोरल पोलिसिंग की दिशा में जारी सार्थक प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। इनसे प्रेरणा पाकर संभाग में सभी अपने अपने स्तर पर भी इस प्रकार के नवाचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस में अनुशासन पालन को नियमित रखने के लिए मॉनिटर करें। उन्होंने जोधपुर रेंज के सभी अधिकारियों की बहुत उत्कृष्ट कार्य के लिए तारीफ की और कहा कि अब इससे और अधिक बेहतर करने की गुंजाइश की ओर ध्यान देना होगा। इस दिशा में नए बेंचमार्क स्थापित करने के पुरजोर प्रयास करें।

पुलिस एवं प्रशासन टीम भावना से काम करें

मुख्य सचिव उषा शर्मा और डीजीपी उमेश मिश्रा ने संभागस्तरीय समीक्षा बैठक को सार्थक बताते हुए निर्देश दिए कि इसमें सामने आए विषयों पर प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होंने समाज में कानून एवं शांति व्यवस्था के लिए आक्रामक पोलिसिंग की आवश्यकता जताते हुए पुलिस एवं प्रशासन को एक टीम की तरह रहते हुए पारस्परिक समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने सांप्रदायिक अशांति उत्पन्न करने के लिए जिम्मेदार असामाजिक तत्वों की पहचान और उन पर प्रभावी कार्यवाही पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए आए लोगों के लिए स्थानीय तत्व किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करें, इस पर भी उपयुक्त ध्यान रखा जाना चाहिए।

संवेदनशीलता अपनाएं, त्वरित कार्यवाही करें

बैठक में डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर)  राजीव शर्मा ने सोशल मीडिया पर निगरानी रखने पर विशेष जोर दिया और कहा कि प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस को पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित रूप से कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने चुनाव के दौरान पुलिस को पूरी रणनीति के साथ शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति विशेष गंभीर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगवाया जाना सुनिश्चित करवाएं। बैठक में उपस्थित प्रशासन एवं पुलिस के संभागी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस प्रबन्ध, कानून व्यवस्था तथा सम सामयिक हालातों के बारे में प्रजेन्टेशन दिया और जिलों की वर्तमान स्थिति एवं अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर जानकारी दी।

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