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आपदा अनुदान को फसल बीमा में समायोजित करने का प्रावधान हटा, संशोधित अधिसूचना जारी

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– भारतीय किसान संघ के विरोध के बाद सरकार ने हटाया विवादित प्रावधान

– किसानों को आपदा अनुदान की बढ़ी हुई राशि का मिल सकेगा लाभ

नारद तिंवरी। भारत सरकार की ओर से 10 अक्टूबर 2022 को आपदा अनुदान की संशोधित अधिसूचना जारी कर आपदा से फसलों में नुकसान होने पर  जारी होने वाले आपदा अनुदान की राशि में बढ़ोतरी की थी लेकिन उस अधिसूचना में आपदा अनुदान को फसल बीमा योजना में समायोजित करने का प्रावधान डाल दिया था। इसके तहत अगर फसल नुकसान होने पर किसानों को फसल बीमा का क्लेम  स्वीकृत हो जाता है। तो आपदा अनुदान की राशि में से बीमा क्लेम घटाने के बाद आपदा अनुदान की केवल शेष राशि का ही किसानो को भुगतान किए जाने का प्रावधान कर दिया था।

इस प्रावधान को लेकर राजस्थान सरकार की ओर से झालावाड़ जिले में जिला कलेक्टर द्वारा किसानों की आपदा अनुदान राशि को रोक लेने पर  भारतीय किसान संघ ने केंद्र सरकार के समक्ष अधिसूचना के उक्त प्रावधान पर विरोध जताते हुए उसे हटाने की।मांग रखी। इसके तहत 26 मार्च को केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री कैलाश चौधरी तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत से मिलकर संगठन की ओर से ज्ञापन सौंपे गए। इसके विरोध में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर सांकेतिक प्रदर्शन कर किसानों ने जिला कलेक्टरों के माध्यम से 11 व 12 अप्रैल को प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन भेजे थे। संगठन के विरोध स्वरूप 13 जुलाई को गृह मंत्रालय की ओर से आदेश जारी कर आपदा अनुदान की संशोधित अधिसूचना के बिंदु 5 (i) B व (ii) को हटा दिया गया। इसी आदेश के हवाले से राजस्थान सरकार की ओर से भी संशोधित गाइडलाइन अनुसार किसानों को आपदा अनुदान राशि जारी करने हेतु 25 जुलाई को जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर गए है।

किसानों को अब इस तरह मिलेगी बढ़ी हुई आपदा अनुदान राशि : 33% नुकसान पर अनुदान

किसानों को आपदा से फसल नुकसान होने पर किसानों को आपदा अनुदान की राशि बढ़ाकर देने की अड़चन खत्म होने के पश्चात किसानों को आपदा से फसलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान होने पर असिंचित क्षेत्र हेतु प्रति हैक्टेयर 8500 रुपए अनुसार अधिकतम 2 हैक्टेयर का 17000 रुपए तथा सिंचित क्षेत्र हेतु प्रति हैक्टेयर 17000 रुपए अनुसार अधिकतम 2 हैक्टेयर का 34000 रुपए का अनुदान देने का प्रावधान किया है। वही बहरमासी फसलों हेतु 22500 रुपए प्रति हैक्टेयर से अधिकतम 45000 रुपए  तक का आपदा अनुदान राशि की सहायता देने का प्रावधान है। इससे पूर्व 2015 में आपदा अनुदान की संशोधित अधिसूचना अनुसार सिंचित क्षेत्र के लिए 6800 रुपए से अधिकतम 13600, असिंचित क्षेत्र के लिए 13500 से अधिकतम 27000 रुपए व बाहरमासी फसलों हेतु 18000 रुपए से अधिकतम 36000 रुपए अनुदान का प्रावधान था।

केंद्रीय कृषि मंत्री व जलशक्ति मंत्री ने सुनी थी किसान संघ की बात

भारत सरकार की ओर से आपदा अनुदान की संशोधित अधिसूचना जारी कर किसानों को फसलों के नुकसान पर अनुदान राशि बढ़ाई थी लेकिन उसी अधिसूचना में अनुदान राशि को फसल बीमा क्लेम में समायोजित करने का प्रावधान डाल दिया था। भारतीय किसान संघ ने अनुदान को बीमा में समायोजित करने के उक्त प्रावधान पर विरोध जताया था। केंद्रीय कृषि मंत्री कैलाश चौधरी और जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत से मिलकर ज्ञापन सौंपा था वही 11 अप्रैल को प्रदेश भर में प्रदर्शन कर जिला कलेक्टरों के।माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे थे। सरकार ने किसान हित में उक्त प्रावधान को हटाया गया है अब सभी किसानो को बढ़ी हुई अनुदान राशि का लाभ मिल सकेगा।

– तुलछाराम सिंवर, प्रदेश मंत्री, भारतीय किसान संघ

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