पड़ोसी से बनाएं मधुर रिश्ते

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– प्रसन्न कुमार

साकेत में रहनेवाली हिमानी शुक्ला वर्षों से इस इलाके में रह रही हैं लेकिन उन्हें इतना पता नहीं है कि उनके पड़ोस में कौन रहता है। उनके नाम तक नहीं मालूम है, वे लोग क्या करते हैं और कहां के हैं ये तो दूर की बात है। सुबह पति के ऑफिस और बच्चों के स्कूल जाने के बाद हिमानी पूरे दिन अकेली रहती है । अक्सर उन्हें ये अकेलापन खलता भी है लेकिन वह चाह कर भी कुछ नहीं कर पाती है। कई बार अचानक से तबियत खराब होने पर वो अकेली परेशानी में फंस जाती है, उस समय उन्हें लगता है कि काश कोई जानने वाला पास में होता तो कितना अच्छा होता लेकिन अफसोस कि पड़ोसी भी जानने वाला नहीं है।

 

ये कहानी सिर्फ हिमानी की नहीं है बल्कि दिल्ली जैसे महानगर में रहने वाली अधिकांश परिवारों की है। मेट्रो शहर की इस भागदौड़ भरी जिन्दगी में हम सिर्फ और सिर्फ अपने तक ही सीमित हो गए हैं हमें पता ही नहीं होता है कि हमारे आसपास क्या चल रहा है और कौन लोग रह रहें हैं इन सब का खामियाजा सबसे ज्यादा घर में अकेली रहने वाली महिला को भुगतना पड़ता है और उन्हें तनाव का सामना करना पड़ता है।

पड़ोसी से अच्छी जान-पहचान, नजदीकियां और बेहतरीन रिश्ते आपकी तनाव को दूर कर आपकी खुशियों को दोगुनी कर सकती है जरूरत है इसके लिए पहल करने की । अब आप सोच रही होंगी कि कैसी पहल तो हम बता रहे हैं कुछ ऐेसे नुस्खे जिससे पड़ोसी से आपके मधुर सम्बंध बन सकते हैं और आप तनावमुक्त होकर खुशहाल रहेंगे-

’ हमेशा नए पड़ोसियों से जान-पहचान बनाएं । समय-समय पर अपने नए पड़ोसियों को अपना परिचय देती रहें।

’ आपका पड़ोसी अगर आते-जाते कहीं भी मिल जाएं तो हाय-हेल्लो करने से नहीं चूकें।

’ पड़ोसियों से मिले, नजदीकियां बढ़ाए लेकिन फालतू की गप्पेबाजी नहीं करें।

’ अगर आपके पड़ोसी घर बन्द कर कहीं जा रहे हो तो उस स्थिति में आप उनके घर का ख्याल रखें। घर में ताला लगा हुआ हो तब भी आप घर पर नजर रखे ऐसा करने पर चोरी आशंका नहीं रहेगी।

’ पड़ोसी के यहां कोई बीमार हो या किसी का एक्सिडेंट हुआ हो तो उस स्थिति में आप हरसम्भव उनकी मदद करें ।उनका ढाढ़स बढ़ाए और उनसे पूछ कर दवा ला दें। अपने यहां से खाना और फल वगैराह ले जाएं । जब तक बीमार व्यक्ति ठीक नहीं हो जाए उनका कुशलक्षेम जानते रहें और हमेशा मदद के लिए आगे रहे।

’ पड़ोसी के घर में किसी तरह का काम हो जिसमें उन्हें किसी की मदद की जरूरत हो तो आप बेहिचक मदद के लिए अपना हाथ आगे बढ़ा दे और उनकी मदद करें।

’ आपके पड़ोसी को किसी जरूरी काम से कहीं बाहर जाना है और अचानक से उनकी गाड़ी खराब हो जाए तो उस स्थिति में आप अपनी गाड़ी देने से नहीं हिचकिचाएं आखिर जरूरत के समय इंसान ही इंसान का काम आता है।

’ अगर पड़ोसी को अचानक किसी जरूरी काम से बाहर जाना हो लेकिन उनके सामने स्कूल से लौटने पर बच्चे की देखभाल करने की चिन्ता सता रही हो और वह उस वजह से जाने से हिचकिचा रही हो तो उस स्थिति में आप उनके बच्चे की जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हो जाए और उन्हें निश्चिंत होकर जाने के लिए कहें ऐसा करने पर कभी आपको जरूरत पड़ेगी तो वह निश्चित ही आपकी काम आएंगी।

’ त्योहारों के मौके पर मिठाई और कार्ड लेकर चली जाए या भिजवा दे । किसी भी पर्व त्योहार या शुभ अवसर पर आप खाने पर अपने पड़ोसी को बुला सकती हैं।

’ साल में एक-दो बार अपने मुहल्ले में गेट-टूगेदर पार्टी का आयोजन कर सकती हैं।

’ कभी भी पड़ोसी से बेवजह बचने की कोशिश नहीं करे, मिलने-जुलने से रिश्ते मधुर होते हैं और खुशियां बढ़ती है । कभी-कबार पड़ोसियों से परेशानी होती है लेकिन उसे नजरअन्दाज कर खुशियों को ढूंढ़ने की कोशिश करें । ऐसा करने पर आप भी खुशहाल रहेंगी और आपकी पड़ोसी भी।

’ महीने में एक बार पड़ोसियों के साथ किटी पार्टी कर सकते हैं, इससे संबंध बेहतर बनेंगे।