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भौगीशेल परिक्रमा में आस्था अपार, इंद्रदेव मेहरबान

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परिक्रमा का जगह जगह ग्रामीणों ने किया स्वागत, भजन कीर्तन कर झूमती दिखी महिलाएं

नारद ओसियां। ओसियां में अधिक मास श्रावण में भौगीशेल परिक्रमा का आयोजन गुरुवार को हुआ। हनुमानजी मन्दिर नयापुरा से स्‍थानीय रामद्वारा के महन्‍त माधवदास महाराज ने झंडी दिखाकर भौगौलिक परिक्रमा का शुभारंभ किया। कोरोना काल के बाद 5 साल बाद हुई भौगोलिक परिक्रमा में श्रद्धालुओ की आस्था देखने को मिली। बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ पुरुषों ने भजन गाते हुए और झूमते हुए कस्बे के विभिन्न मंदिरों में ढोग लगाते हुए दर्शन किये।

परिक्रमा बालाजी के मन्दिर से रवाना होकर बाबा रामदेव मन्दिर नयापुरा, माहेश्‍वरी बगेची, गायत्री मन्दिर, सेवल्‍या माता मन्दिर, पुराना बाजार निम्‍बेश्‍वर महादेव, सच्चियाय माता मन्दिर, कबुतरों का चौक शिवजी की डेरी, बासनी फांटा पीपाजी का मन्दिर होते हुए ओरण वाले बालाजी मन्दिर पहुची। जहां पर भोजन प्रसादी के बाद परिक्रमा आगे के लिए रवाना हुई। वहां से जम्‍भेश्‍वर भगवान मन्दिर, शहीद भवानीसिंह स्‍मारक, घाटीनाथ आश्रम से देवका बेरा बालाजी मन्दिर पर पहुची। जहां आरती के बाद परिक्रमा का समापन किया गया।

इस दौरान सरपंच संतोष कंवर भाटी, गौ सेवा आयोग के सदस्‍य भगवानदास राठी, हुकमीचंद सोलंकी, मोतीलाल सोनी, धर्माराम मेघवाल, नंदकिशोर चाण्‍डक, बद्रीनारायण गिलडा, घमाराम मेघवाल, कुंदनमल सोनार, पुखराज सोनार, महिपालसिंह भाटी, गोरधनदास सोनी, सेवाराम सोनी, सुनील लाहोटी, श्रवण सोनी, कमल ओझा, ओमप्रकाश बूब, सुखराम जाखड़ सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। भौगोलिक परिक्रमा के संयोजक कमलकिशोर ओझा व रामदास सोनी ने बताया कि परिक्रमा के दौरान विभिन्न जगहों पर ग्रामीणों में परिक्रमा का स्वागत करते हुए जलपान की व्यवस्था की। अंत में रामस्‍वरूप सोनी द्वारा भौगोलिक परिक्रमा में भाग लेने वालें महिलाओं पुरूषों को धन्‍यवाद दिया गया।

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