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मालूंगा स्कूल में तालाबंदी, शिक्षकों के रिक्त पद भरने की मांग

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सीबीईओ के 7 दिनों में प्रतिनियुक्ति रद्द करने और शिक्षक लगाने के आश्वासन के बाद 12 बजे खोले ताले।

नारद तिंवरी (मालूंगा)। मालूंगा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पद भरने व शारिरिक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी करके नारेबाजी कर शिक्षा विभाग के खिलाफ विरोध जताया।

बताया जाता है कि शारीरिक शिक्षक सुरेन्द्र सोनी की इस विद्यालय में वर्ष 2003 में नियुक्ति हुई, लेकिन वे नियुक्ति से ही सोनी प्रतिनियुक्ति पर ही चल रहे है। इसके चलते स्टूडेंट्स को उनकी सेवाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह, स्कूल में राजनिति विज्ञान के व्याख्याता, गणित व विज्ञान के वरिष्ठ अध्यापक का पद पिछले साल से तथा वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत का पद तीन वर्षों से खाली है। वहीं, शिक्षक लेवल -2 में अंग्रेजी विषय के टीचर का पद तो पिछले 10 साल से रिक्त चल रहा है और स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद भी रिक्त है। इसी बीच, गुरुवार को इसी स्कूल के प्रधानाचार्य शक्तिसिंह चंपावत व कनिष्ठ लिपिक मदनलाल सेवानिवृत्त हो गए, जिससे ये दोनों पद भी अब रिक्त हो गए। इन्हीं मुद्दों को लेकर स्टूडेंट्स ने आंदोलन का रुख अख्तियार करते हुए शुक्रवार सुबह स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इसकी जानकारी मिलने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रतिराम सपूनियां मालूँगा स्कूल पहुंचे। उच्च अधिकारियों से वार्तालाप कर शारीरिक शिक्षक सोनी को राजीव गांधी ओलंपिक खेल से ड्यूटी हटाकर सात दिन के अंदर मूल पद स्थान पर भेजने का आश्वासन दिया। जिसको मानते हुए विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन स्थगित किया।

ग्रामीण रणवीरसिंह ,मुकनसिंह, नाथूराम , टीकम लखानी ने बताया कि राउमावि में लंबे समय से शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे है, जिसके कारण स्कूल की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा विद्यार्थियों को भी अध्ययन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिक्त पदों को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों व प्रशासनिक स्तर पर कई बार ज्ञापन देकर अवगत करवाया जा चुका है, मगर काई सुनवाई नहीं की जा रही है।अगर अब भी शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है,तो ग्रामीण मजबूर होकर आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर सात दिनों में नियुक्तियां नहीं की गई तो ग्रामीण स्कूल की तालाबंदी कर प्रदर्शन शुरू करेंगे।

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