रेलवे अधिकारी पर महिला सहकर्मी से सेक्सुअल एक्सटॉर्शन का आरोप, आरोपी मैनेजर को छुट्टी पर भेजा

जोधपुर के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में यौन उत्पीडऩ का मामला सामने आया है। जोधपुर में कार्यरत रेलवे के एक आला अधिकारी पर डीआरएम कार्यालय में कार्यरत महिला ने यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया है। पीडि़ता के परिजन ने डीआरएम से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराते हुए लिखित में शिकायत की। इसके बाद एक्शन में आई महिला डीआरएम ने आरोपी अधिकारी को फोर्सफुली अवकाश पर भेज दिया है। अधिकारी का जोधपुर से तबादला करने की सिफारिश ऊपर के अधिकारियों से की है।
सूत्रों के अनुसार डीआरएम कार्यालय में कार्यरत एक महिला ने इसी कार्यालय में तैनात मटेरियल मैनेजर पर स्वयं को परेशान करने का आरोप लगाया है। साथ ही अधिकारी पर सेक्सुअल एक्सटॉर्शन करने का आरोप लगाया है। महिला ने कई बार उसकी हरकतों को नजर अंदाज कर दिया। इससे अधिकारी की हिम्मत बढ़ती गई। आखिरकार तंग आकर उसने अपना एक शिकायती पत्र परिजन के हाथों डीआरएम गीतिका पांडेय तक पहुंचाया। जोधपुर की पहली महिला डीआरएम गीतिका ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने पीडि़ता की परिजन की पूरी बात को सुना। इस दौरान उन्होंने फोन पर पीडि़ता से भी बात की। रेलवे के सभी आला अधिकारियों की बैठक बुलाई। गुरुवार को ही डीआरएम ऑफिस में एक वर्क एकाउंटेंट चार हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ाया था। डीआरएम ने सभी अधिकारियों को जोरदार लताड़ लगाते हुए स्पष्ट कह दिया कि उनके यहां किसी तरह की कौताही स्वीकार्य नहीं है। अधिकारी और कर्मचारी अपना रवैया सुधार लें। यदि किसी के लिए ऐसा करना संभव नहीं हो तो वे अपना तबादला और कहीं करवा ले। नहीं तो हमें एक्शन मोड में आना पड़ेगा। अपने एक अधिकारी पर यौन उत्पीडऩ के आरोप से बेहद खफा डीआरएम गीतिका पांडे ने आरोपी अधिकारी को जबरन छुट्टी पर रवाना कर दिया। साथ ही उन्होंने जयपुर में बैठे आला अधिकारियों को पत्र भेज इस अधिकारी का तुरंत जोधपुर से अन्यत्र तबादला करने की मांग की है।

रिश्वत लेने के आरोपी रेलवे के वर्क एकाउन्टेंट को भेजा जेल

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने चार हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोपी रेलवे डीआरएम कार्यालय के सिग्नल एण्ड टेलिकॉम विभाग के वर्क एकाउंटेंट को कोर्ट के आदेश पर जेल भिजवा दिया है।
एसीबी की स्पेशल यूनिट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ दुर्गसिंह राजपुरोहित ने बताया कि रेलवे में सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन कम्पनी के संचालक की शिकायत पर रेलवे की सिग्नल एण्ड टेलिकॉम विभाग में पदस्थापित वर्क एकाउंटेंट करौली जिले में कोटामामचारी हाल नेहरू पार्क के पास रेलवे कॉलोनी निवासी विजय कुमार गुप्ता को चार हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उसने डीआरएम कार्यालय में सिग्नल एंड टेलिकॉम विभाग में रिश्वत ली। तभी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ दुर्गसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एसीबी ने दबिश देकर विजय कुमार को रंगे हाथों पकड़ लिया। सॉफ्टवेयर सोल्यूशन कम्पनी के संचालक ने एसीबी के टोल फ्री नम्बर 1064 पर गत दिनों रेलवे में वर्क एकाउंटेंट के रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। एसीबी मुख्यालय ने मामले को एसीबी की विशेष विंग को सौंपा। एसीबी ने संचालक से सम्पर्क किया। सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन कम्पनी रेलवे व अन्य सरकारी विभागों में टेण्डर लेती है। गत दिनों उत्तर पश्चिम रेलवे में बल्क एसएमएस का टेण्डर उसकी कम्पनी को मिला। इस टेण्डर की पत्रावली प्रोसिंग में लाने के लिए विभाग के वर्क एकाउंटेंट विजय कुमार ने चार हजार रुपए मांगे थे। एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई थी। उसे आज कोर्ट में पेश कर जेल भिजवाया गया।

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