मतोड़ा पुलिस को नरेगा में फर्जीवाड़ा की निष्पक्ष जांच के आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विनीत कुमार माथुर की एकलपीठ ने एक मामले में लगाई गई याचिका पर जोधपुर ग्रामीण के पुलिस थाना मतोडा को उचित व निष्पक्ष अनुसंधान करने के आदेश दिए है।
दरअसल पुलिस थाना मतोडा में मोहनराम ने एक प्रथम सूचना रिपोर्ट म डिम्पल, राकेश कुमार छीपा, रामूराम, चूनाराम तथा किशनाराम के खिलाफ इस आशय की दर्ज कराई थी कि इन सभी ने षडयंत्रपूर्वक फर्जी तरीके से सरकारी राशि का दुरुपयोग करने की नीयत से फर्जी तरीके से मजदूरों को नरेगा कार्य स्वीकृत करवाकर मात्र कागजों में खानापूर्ति कर सरकारी राशि हडप ली है। पुलिस ने प्रथम सूचना अपराध अंतर्गत धारा 420, 467, 468, 471 व 120-बी आईपीसी में दर्ज कर अनुसंधान आरम्भ किया था। परिवादी मोहनराम की ओर से एडवोकेट निखिल भण्डारी ने धारा 482 सीआरपीसी में फौजदारी विविध याचिका प्रस्तुत कर यह बहस की थी कि पुलिस थाना मतोडा के अनुसंधान अधिकारी द्वारा मामले में सही व निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही हैं। अनुसंधान अधिकारी परिवादी मोहनराम द्वारा प्रस्तुत जुबानी एवं दस्तावेजी साक्ष्य को नहीं ले रहे हैं, बल्कि मामले में गलत तरीके से अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामले को समाप्त करना चाहते हैं। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने मतोड़ा थानाधिकारी को यह आदेश दिए कि परिवादी मोहन राम द्वारा आवश्यक दस्तावेजात व प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करने पर पुलिस अनुसंधान में उस पर आवश्यक ध्यान दिया जाए तथा इस मामले में सही व निष्पक्ष अनुसंधान किया जाए।

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