लंबे अंतराल के बाद जोधपुर जिले की धरा पर गहलोत ने रखा कदम, मुख्यमंत्री सहित कई कांग्रेस नेता व मंत्रियों ने चाडी पहुंचकर शोक जताया

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक लंबे अंतराल के बाद जोधपुर जिले की धरा पर कदम रखा। वे आज दोपहर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन और पीसीसी चीफ व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेता व मंत्रियों के साथ जोधपुर जिले के चाडी गांव पहुंचे। वे हेलिकॉप्टर से जयपुर से सीधा यहां आए। उन्होंने यहां पर पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज जाट नेता रहे महिपाल मदेरणा के निधन पर उनके पैतृक निवास स्थान जाकर संवेदना जताई। उन्होंने यहां मदेरणा की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने महिपाल मदेरणा की पत्नी जिला प्रमुख लीला मदेरणा और पुत्री ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा से मिलकर शोक जताया।
इससे पहले हेलिकॉप्टर से चाडी गांव के बाहर बनाए गए अस्थाई हेलिपैड पर उनका राजस्थान विधासभाध्यक्ष सीपी जोशी, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, जोधपुर शहर विधायक मनीषा पंवार, नगर निगम उत्तर की महापौर कुंती परिहार, राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल, राजस्थान नाटक संगीत अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा, कांग्रेस नेता अयूब खान, संभागीय आयुक्त डॉ. राजेश शर्मा, जिला कलेक्टर इंद्रजीतसिंह सहित कई वरिष्ठ कांगे्रस नेताओं व अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। कई लोगों ने उन्हें सूत की माला पहनाकर स्वागत किया। कइयों ने सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद वे दिवंगत महिपाल मदेरणा के निवास स्थान पहुंचे। वहां शोक सभा में शामिल होकर मदेरणा को श्रद्धांजलि अर्पित की एवं शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाया। उन्होंने ईश्वर से परिवारजनों को संबल देने एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। गौरतलब है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज जाट नेता रहे महिपाल मदेरणा का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया है। भंवरी देवी अपहरण और हत्या के मामले में महिपाल मदेरणा 10 साल जेल में रहे थे। महिपाल मदेरणा 2008 से लेकर 2013 तक गहलोत सरकार में जलदाय मंत्री रहे थे। इसी दौरान भंवरी देवी मामले का खुलासा होने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

प्रशासन गांवों के संग अभियान का लिया जायजा

मुख्यमंत्री दोपहर में चाडी गांव से रवाना होकर नागौर के निम्बोला-बिस्वा पहुंचे। यहां प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत शिविर का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में जाकर जनता से भी बात की और ये जानकारी ली कि कितने काम अब तक हुए है। पट्टों की प्रगति का भी जायजा लिया। साथ ही लोगों से समस्या भी जानी। इसके बाद उन्होंने निम्बोला-बिस्वा से उड़ान भरी और फिर जयपुर के डेहरा-जोबनेर पहुंचकर प्रशासन गांवों के संग अभियान के शिविर का विजिट की। उन्होंने अधिकारियों और आम लोगों से फीडबैक भी लिया। बता दे कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक दिन पहले ही प्रशासन शहरों और गांवों के संग अभियान की रिव्यू बैठक लेकर अभियान में ढिलाई और लापरवाही पर अरबन डवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्टमेंट और लोकल सेल्फ गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के आला अफसरों को कड़ी फटकार लगाई थी। अशोक गहलोत अब कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ खुद निरीक्षण कर रहे है कि आम जनता को इन शिविरों का कितना फायदा मिल रहा है।

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