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किसान महापड़ाव : पर्याप्त बिजली, ट्रिपिंग व वोल्टेज के मुद्दे को लेकर चल रहा आंदोलन तीसरी भी जारी

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– डिस्कॉम प्रबंधन का वार्ता का आमंत्रण भी ठुकराया, किसान बोले – पहले मुख्य समस्या खत्म हों, फिर वार्ता

नारद तिंवरी। जोधपुर डिस्कॉम कार्यालय के बाहर किसानों का बिजली आपूर्ति के मुद्दे को लेकर चल रहा धरना रविवार को भी जारी रहा। ये किसान पिछले तीन दिनों से पर्याप्त समय तक और तय समय पर बिजली सप्लाई करने और कम वोल्टेज अथवा बार-बार हो रही ट्रिपिंग की समस्या का समाधान की मांग कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन के चलते रविवार को अवकाश के बावजूद डिस्कॉम प्रबंधन ने न सिर्फ कार्यालय खोला, अपितू किसानों से भी वार्ता कर उन्हें मनाने का प्रयास किया। इसके लिए डिस्कॉम प्रबंध निदेशक प्रमोद टाक सहित अन्य अधिकारियों ने किसानों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन किसान ठोस आश्वासन के बिना धरने से हटने को राजी नहीं हुए।

जोधपुर डिस्कॉम कार्यालय के बाहर किसानों का महापड़ाव तीसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद डटे हैं किसान

11 बजे फिर वार्ता के लिए आमंत्रण, किसानों ने नहीं भरी हामी

डिस्कॉम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे किसानों से बातचीत के लिए रविवार को 11 बजे डिस्कॉम प्रबंधन की ओर से किसानों को आमंत्रित किया गया, लेकिन किसानों ने दो टूक इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि जब दिनभर बिजली ट्रिपिंग की समस्या लगातार बनी हुई है, तो ऐसे में प्रबंधन पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने तक किसानों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर रखा है। शाम को 5 बजे किसानों को दुबारा किसानों को वार्ता के लिए बुलावा भेजा गया, लेकिन किसान समस्या का स्थाई समाधान नहीं होने तक बातचीत के लिए तैयार नहीं हुए।

आज बढ़ेगी किसानों की संख्या

आंदोलन के तीसरे दिन भी डिस्कॉम प्रबंधन की तरफ से सकारात्मक पहल नहीं होने से क्षुब्ध किसानों ने अब आंदोलन को बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सोमवार को फलोदी जिले के किसान भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। इसके साथ ही जोधपुर ग्रामीण जिले से भी किसानों की संख्या बढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए गए। इससे पहले रविवार को किसानों ने महापड़ाव स्थल पर ही डिस्कॉम प्रबधंन व राज्य सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ कर देवों से प्रार्थना की।

बार-बार आग्रह को भी डिस्कॉम ने किया अनदेखा

महापड़ाव पर बैठे किसानों का कहना है कि स्थिति यहां तक नहीं पहुंचे, इसके लिए किसानों ने डिस्कॉम प्रबंधन व प्रशासन को बार-बार आग्रह किए थे। इसके तहत 4 अगस्त को डिस्कॉम एमडी को ज्ञापन दिया गया। वहीं इसके अगले दिन ही जिले के सभी सब स्टेशनों पर किसानों ने प्रदर्शन किए। इसी क्रम में 13 अगस्त को बापिणी सब डिविजन पर, 16 अगस्त को मतोड़ा सब डिविजन पर, 17 अगस्त को बापिणी, मतोड़ा, आऊ के किसानों ने मतोड़ा जीएसएस पर आंदोलन शुरू कर 18 अगस्त को जोधपुर कूच का ऐलान किया था। आखिरकार, 18 अगस्त की शाम को किसान महापड़ाव के लिए जोधपुर डिस्कॉम कार्यालय के बाहर पहुंच गए।

ये है किसानों की प्रमुख मांगें

– बकाया कृषि कनेक्शन जारी करने

– सिंचाई हेतु पर्याप्त वोल्टेज के साथ 7 घंटे विद्युत आपूर्ति

– जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने हेतु ट्रांसफार्मर आरक्षित रखने

– टू पंप कृषि कनेक्शन पर अलग से ट्रांसफार्मर देने

– 2 हजार निशुल्क यूनिट सभी किसानों के लिए लागू करने

– सब डिविजन पर जले हुए ट्रांसफार्मर लोड अनलोड हेतु लिफ्ट की व्यवस्था करने

कुछ इलाकों में ही समस्या थी, सही भी कर दिया, अब कहीं दिक्कत नहीं है: सिंघवी

इस संबंध में जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता एमएम सिंघवी का कहना है कि मतोड़ा, बापिणी इत्यादि कुछ इलाकों में वोल्टेज की समस्या थी, लेकिन उसे दुरुस्त कर दिया गया है। अब वोल्टेज की कहीं कोई समस्या नहीं है। किसानों को 6 घंटे बिजली सप्लाई की जा रही है। शनिवार को किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता में अधिकांश मुद्दों पर सहमति भी बन गई थी। रविवार को हमने वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन किसान नहीं आए।

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