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किसान महापड़ाव: सम्मानजनक हल निकला तो माने किसान, सोमवार देर रात्रि धरना खत्म

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– आंदोलन के दौरान हुई पांचवें दौर की वार्ता रही सफल

भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में जोधपुर डिस्कॉम मुख्यालय पर पिछले चार दिन से चल रहा किसानों का महापड़ाव सोमवार देर रात्रि पांचवे दौर की वार्ता के बाद खत्म हुआ। सोमवार को दोपहर में किसानों और डिस्कॉम प्रबंधन के बीच हुए वार्ता  विफल होने के बाद मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेस की दौरान कॉन्फ्रेश में जुड़े ऊर्जा मंत्री, ऊर्जा सचिव, प्रसारण निगम के चेयरमैन के समक्ष डिस्कॉम प्रबंधन ने किसानों की मांगो को रखा था। जिस पर वीसी के पश्चात आवश्यक सिस्टम सुधार के प्रस्तावों पर प्रसारण निगम के चेयरमैन के साथ चर्चा के बाद मंजूरी मिलने पर रात्रि में 11 बजे फिर से हुई जिसमे सभी मांगो पर आपसी सहमति बनने के पश्चात सहमति अनुसार सभी बिंदुओं को लिखित में देने की अंतिम दौर की पांचवी वार्ता सफल होने के पश्चात देर रात्रि में महापड़ाव को खत्म करने की घोषणा की गई।

प्रतिनिधि मंडल में ये हुए शामिल –

आंदोलन के दौरान वार्ता में किसानों की ओर से प्रदेश मंत्री तुलछाराम सिंवर, प्रांत अध्यक्ष माणक राम परिहार, संभाग अध्यक्ष नरेश व्यास, फलोदी जिला अध्यक्ष राजेंद्र व्यास, जोधपुर जिला अध्यक्ष रामनारायण जांग, जैविक प्रमुख ओमप्रकाश विश्नोई, पारसमल खीचड़ शामिल हुए। वही डिस्कॉम की ओर से प्रबंध निदेशक प्रमोद टॉक, तकनीकी निदेशक मदनलाल मेघवाल जोधपुर जोनल के मुख्य अभियंता, प्रसारण निगम के मुख्य अभियंता, मैटेरियल अधीक्षण अभियंता, अधीक्षण अभियंता मांगीलाल बेंदा, जोधपुर जिला वृत्त अधीक्षण अभियंता, फलोदी, मथानिया, बालेसर डिविजन के अधिशासी अभियंता, प्रसारण निगम के अधिशाषी अभियंता सहित प्रमुख अभियंता शामिल थे।

मुख्य मांग वोल्टेज व ट्रिपिंग में सुधार को लेकर थी उसके संबंध में निर्णय –

– सभी सोलर ऊर्जा उत्पादक इकाइयों पर रिएक्टिव पॉवर बेलेंस हेतु केपीसीटर लगवाने हेतु 19 अगस्त को कमेटी गठित, जो ये सुनिश्चित करेगी, सोलर एनर्जी उत्पादको को रिएक्टिव पॉवर बेलेंस हेतु पाबंद करने के लिए पॉलिसी में बदलाव पर ऊर्जा सचिव की ओर सेदांतिक सहमति बनी।

– सभी 33/11 विधुत जीएसएस पर 15 अक्टूबर तक ऑटोमेटिक केपीसीटर लगाए जाएंगे। जो वहां 33 हजार वोल्टेज मेंटेन रखेंगे।

– प्राथमिकता के आधार पर किसानों के ट्यूबेल पर डिस्कॉम द्वारा एलटी केपीसीटर स्थापित किए जाएंगे।

– विभिन्न 132 जीएसएस पर सीनियर अधिकारी 22 अगस्त को विजिट करेंगे। ब्लॉक मैनेजमेंट प्लान तैयार कर लोड बेलेंस करेंगे।

जले हुए ट्रांसफॉर्मर में ये निर्णय –

– जले हुए ट्रांसफॉर्मर बदलने हेतु प्रत्येक सब डिवीजन पर ट्रांसफॉर्मर आरक्षित रहेंगे।

लंबित कृषि कनेक्शन में ये निर्णय –

– मांग पत्र जमा करवा चुके सभी किसानों को 30 अक्टूबर तक कृषि कनेक्शन जारी होंगे। एक सप्ताह में प्रतिदिन अनुसार कनेक्शन जारी होने प्लान तैयार कर उसकी सूचियां सब डिवीजन पर चस्पा की जाएगी। किस किसान को कब ट्रांसफार्मर मिलेगा उसका सटीक समय तय होगा।

प्रसारण निगम के सब स्टेशनों को लेकर निर्णय –

– जेरिया 132, आऊ 220, सेखाला 132, शिव नगर 132 GSS का कार्यादेश जारी कर त्वरित निर्माण करने का लिखित में समझौता।

– बापिणी 132 केवी GSS में बस सेक्शन लाइजर लगाकर एक माह में लोड की व्यवस्था करने का लिखित समझौता। जिससे 10 मेगावाट का अतिरिक्त क्षमता बढ़ेगी।

– मतोड़ा व लोहावट 132 केवी पर अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्वीकृत किए गए, 15 अक्टूबर तक एलॉटमेंट करके उपयुक्त शट डाउन समय पर लगाने का लिखित समझौता।

– आऊ 132, शैतानसिंह नगर 132 केवी पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर का प्रस्ताव बना कर 15 दिन में स्वीकृत करवाने का लिखित समझौता।

– मथानिया और भिकमकोर में 132 केवी का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर एक महीने के भीतर स्वीकृत करवाने का लिखित समझोता।

अन्य मांगो पर –

– सभी 33/11 केवी GSS की क्षमता बढ़ाने से संबंधित किसानों की ओर से दिए गए प्रस्ताव को मंजूर कर अतिरिक्त/बढ़ी हुई क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर लगाने पर सहमति बनी।

– किसानों की ओर से दिए गए ओवरलोड फिडरो के टुकड़े करने, लोड बेलेंस करने के सभी प्रस्तावों पर काम शुरू करने का डिस्कॉम प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए।

– प्रत्येक महीने की 7 तारीख को मुख्य अभियंता के साथ अभाव अभियोग की बैठक करने पर निर्णय।

– मांग पत्र जमा करवाने के बाद तकमीना बनाने के दौरान ट्यूबेल नही खुदे होने के कारण जिन किसानों को नोटिस दिए गए उनके द्वारा ट्यूबेल खुदवा कर सूचना देने पर पहले की प्राथमिकता अनुसार ही कनेक्शन जारी किया जाएगा। अभी तक ऐसे किसानों को प्राथमिकता में पीछे डाल दिया जाता है।

– सब डिविजन पर जले हुए ट्रांसफार्मर बदलवाने हेतु आने वाले किसानों के ट्रांसफार्मर उनके वाहन में लोड करवाने व अनलोड करने हेतु डिस्कॉम की ओर से लिफ्ट लगाने की मांग पर विकल्प तलाश कर उपयुक्त उपाय करने पर सैदांतिक सहमति बनी।

– चामू 132 केवी GSS पर 21 अगस्त को ब्रेकर लगाया गया।

– चामू को तिंवरी 220 केवी GSS की नई लाइन से जोड़ने हेतु पांच किमी 132 केवी लाइन सट डाउन का उपयुक्त समय बनते ही खींचने पर सहमति।

– 2000 यूनिट की घोषणा को सभी किसानों के लिए लागू करवाने व टू पंप पर अलग ट्रांसफार्मर देने की मांग को सरकार को अनुसंशा के साथ भेजने पर सहमति बनी।

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