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#JNVU रैप केस में चार्जशीट पेश, ABVP का नाम नहीं

पुलिस ने घटना के 11 दिन में 414 पेज की चार्जशीट कोर्ट में की दाखिल नाबालिग लड़की के प्रेमी को बनाया मुख्य गवाह नाबालिग के शरीर और मौके से मिले स्पर्म की डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की हुई पुष्टि

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नारद जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय JNVU के ओल्ड कैंपस में 11 दिन पहले हुए सामूहिक रैप के मामले में पुलिस ने 414 पेज की चार्जशीट पोक्सो एक्ट में बुधवार को कोर्ट में पेश कर दी है। पुलिस ने अपनी जांच में जुटाए तथ्यों और सबूतों के आधार पर आरोपी समंदर सिंह, भट्टम सिंह, धर्मपाल सिंह और सुरेश कुमार के खिलाफ पेश चालान में इस घटना का मुख्य गवाह नाबालिग पीड़िता के साथी युवक को ही बनाया है, जिसके सामने तीनों दरिंदों ने उसकी इज्जत लूटी थी। एडीसीपी निशांत भारद्वाज के मुताबिक कोर्ट से निवेदन किया गया है कि इस मामले की ट्रायल जल्द शुरू की जाए।
दरअसल, 15 जुलाई की रात को जब नाबालिग पीड़िता अपने साथी के साथ अजमेर से जोधपुर पहुंची थी तो पावटा स्थिति कृष्णा गेस्ट हाउस में जाकर कमरा मांगा था। गेस्ट हाउस के मैनेजर सुरेश ने दोनों के नाबालिग होने के कारण अलग अलग कमरा दिया। पीड़िता के साथी को नीचे कमरा देकर उसके बाहर ताला लगा दिया था। देर रात 1 बजे शराब के नशे में सुरेश पीड़िता के कमरे में पानी की बोतल देने के बहाने पहुंचा। पीड़िता ने बोतल लेने से मना कर दिया। इस बीच सुरेश ने कई बार उसके कमरे की लाईट जलाई, जिसको लेकर पीड़िता ने गुस्सा जाहिर किया। सुरेश नीयत में खोट पहले से ही था, उसने पीड़िता को पकड़ लिया, वह जोर से चिल्लाने लगी। इससे सुरेश घबरा गया और उसने पीड़िता को उसी समय गेस्ट हाउस छोड़ने के लिए कह दिया। उसके साथी को भी कमरे से बाहर निकाल दोनों को वहां से रवाना कर दिया गया। यहां से निकल कर दोनों करीब 1:15 बजे दोनों पावटा बस स्टैंड के पास खाद बीज की दुकान के बाहर बैठ गए, जहां तीनों आरोपियों से उनकी मुलाकात हुई।

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साथी को पकड़े रखा, नाबालिग से करते रहे बलात्कार

पुलिस जांच व पीड़िता के बयानों के मुताबिक आरोपी करीब रात ढाई से तीन बजे के बीच हॉकी मैदान में पहुंचे थे। वे करीब दो घंटे तक हैवानियत करते रहे। जहां नाबालिग के साथी के साथ मारपीट कर उसे एक आरोपी ने पकड़ लिया, जबकि दो अन्य युवकों ने पीड़िता के कपड़े उतारे। उसके बाद बारी बारी से उस दुष्कर्म किया। यह क्रम कई बार चला। हर बार एक आरोपी ने पीड़िता के साथी को पकड़ कर रखा। वह अपनी साथी के साथ होती दरिंदगी देख रोता रहा, लेकिन दरिंदों का दिल नहीं पसीजा। जब अलसुबह के साढ़े चार बज गए तब पीड़िता के साथी कोई व्यक्ति नजर आया। वह आरोपियों के चंगुल से भागा तभी आरोपियों की नजर भी दूसरे व्यक्ति पर पड़ी और वे पीड़िता को बदहवाश हालात में छोड़ कर भाग गए। जब व्यक्ति पहुंचा तो पीड़िता को आपतिजनक स्थिति में देख पुलिस को बुलाया। पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही आरोपियों को ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया था।

सुरेश की बिगड़ी नीयत से दरिंदगी का शिकार हुई पीड़िता

पुलिस ने इस मामले में गेस्ट हाउस के मैनेजर सुरेश के खिलाफ भी पोक्सो व छेड़छाड़ की धाराएं लगाई हैं। अगर सुरेश पीड़िता व उसके साथी के साथ सहानुभूति रखते हुए रात बिताने देता तो यह घटना नहीं होती। इधर, पुलिस ने चार्जशीट में कहीं पर भी अपनी ओर से एबीवीपी का जिक्र नहीं किया है। हालांकि, आरोपियों के बयान के जरिए कहा गया है कि वे एबीवीपी के अपेक्षित प्रत्याशी के चुनाव प्रचार के लिए आए थे। अब वे कोर्ट में इस तरह का बयान देते हैं तो मान्य होंगे।

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