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मौजूदा हालात में विश्व को गांधीवादी राह की महत्ता से रूबरू कराने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 8 से जोधपुर में

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– जेएनवीयू के गांधी अध्ययन केंद्र में तीन दिवसीय वृहद कार्यक्रम का होगा आयोजन

नारद जोधपुर। देश-विदेश की वर्तमान परिस्थितियों में गांधीवादी राह का महत्व बढ़ चुका है और विश्व को इसी से रूबरू कराने के लिए जोधपुर में पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। जेएनवीयू के गांधी अध्ययन केंद्र में 8 से 10 अगस्त तक “समयकालीन समय में विश्व शान्ति एवं अहिंसा की गांधीवादी राह” (Gandhian Way of World Peace and Nonviolence in Contemporary Times) विषय पर आयोजित होने वाली इस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होंगे। वहीं इस कार्यक्रम में देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ शिरकत करेंगे।

गांधी अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. हेमसिंह गहलोत ने बताया कि केंद्र की स्थापना के बाद पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसके मुख्य संरक्षक जेएनवीयू के कुलपति प्रो. केएल श्रीवास्तव हैं तथा निदेशक केएल रैकल, संयोजक डॉ. हरिरा परिहार, सह संयोजक डॉ. दिनेश गहलोत हैं। गांधी अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. हेमसिंह गहलोत इसके आयोजन सचिव हैं।

कॉन्फ्रेंस आयोजन पर चर्चा करते हुए डॉ. गहलोत ने बताया कि 8 अगस्त को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के सभागार में सुबह 10 बजे से उद्घाटन समारोह होगा, जिसके मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान राज्य पशुधन बोर्ड के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह सोलंकी मौजूद रहेंगे। इस सत्र के मुख्य वक्ता संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल, नई दिल्ली गांधी पीस फाउंडेशन के कुमार प्रशांत तथा गांधी इंफॉर्मेशन सेंटर बर्लिन जर्मनी के अध्यक्ष डॉ. क्रीस्टीयन बारलॉफ होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. के. एल. श्रीवास्तव, कुलपति, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर करेंगे।

जेएनवीयू के गांधी अध्ययन केंद्र में पहली बार होगा विश्व स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन

साझा आयोजन का लाइव प्रसारण भी देख सकेंगे

डॉ. गहलोत ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन राजस्थान सरकार के शांति एवं अहिंसा विभाग, आरसी-18 अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति विज्ञान संघ तथा महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज के द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। यह ऑफलाइन और हाइब्रिड रूप से दोनों मोड पर आयोजित की जा रही है, जिसे ऑनलाइन भी देखा जा सकेगा।

प्लेनरी सत्र के अलावा पांच तकनीकी सत्रों में होगा आयोजन

आयोजन सचिव डॉ. गहलोत के अनुसार कांफ्रेस में प्लेनरी सत्र के अलावा पाँच तकनीकी सत्रों (Technical Sessions) आयोजन होगा जिसमें 15 रिसोर्स पर्सन के साथ-साथ चयनित प्रतिभागी अपना पत्रवाचन करेंगे। 9 व 10 अगस्त के तकनीकी सत्रों का आयोजन जेएनवीयू हैड ऑफिस के बृहस्पति भवन में होगा। समाज के विभिन्न समुदायों के बीच आपसी प्रेम एवं सदभाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस कांफ्रेस में विशेष रूप से सर्व धर्म सद्भाव प्रार्थना सभा का आयोजन 9 अगस्त की शाम 6 बजे विश्वविद्यालय के हैड ऑफिस में होगा।

गांधीवाद के कई पहलूओं पर होंगे व्याख्यान

इस कांफ्रेस में महात्मा गांधी: विश्व शान्ति की राह, गांधी एवं राष्ट्रवाद, महात्मा गांधी एवं लोकतंत्र, महात्मा गांधी एवं वैश्वीकरण, गांधी: विश्व दृष्टि में जैसे उप बिन्दु रखे गए है। कांफ्रेस में गांधी विचारधारा से जुड़े देश एवं विदेश के प्रख्यात विद्वान शामिल होंगे, भारतीय लोक प्रशासन संघ के महासचिव प्रो. वाई पारदासारधी, महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेस एण्ड सोशल साइंसेंस के निदेशक प्रो. बी.एम. शर्मा, राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी के निदेशक प्रो. बी.एल. सैनी, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. प्रवीण कुमार झा एवं प्रो. सुनिल कुमार, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के प्रो. नावेद जमाल, जे.एन.यु. दिल्ली के प्रो. गोविन्द कुमार, अहिंसा एवं शान्ति निदेशालय के निदेशक डॉ. मनीष कुमार शर्मा, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद के प्रो. अफरोज आलम, प्रो. भानु कपिल, कमाण्डिंग ऑफिसर डॉ. बलदेव सिंह चौधरी, इंडियन सोसायटी ऑफ गांधीयन स्टडीज के प्रो. सतीश राय आदि रिर्सोस पर्सन के रूप में उपस्थित रहेंगे। अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। कांफ्रेस में भाग लेने हेतु अब तक लगभग चार सौ प्रतिभागीयों के पंजीकरण हो चुके है।

#International conference in Jodhpur from 8th to make people aware of the importance of Gandhian path in the current situation

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