धर्म गुरुओं के न जानें कितने चेहरे, आसाराम से लेकर राम रहीम तक

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मोक्ष की प्राप्ति, परमात्मा से मिलन और परलोक में खुद की बेहतरी को भारतीय दर्शन विशेष बल देता रहा है। अनादिकाल से लेकर मौजूदा समय तक सामान्य से लेकर खास भारतीयों की साधु और संतों के साथ समागम एक खास विशेषता रही है। ये बात अलग है कि धर्म के नाम पर खुद को भगवान घोषित करने वाले कुछ लोग आम लोगों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करते रहे हैं। तथाकथित साधु-संतों ने अपनी काबिलियत का या डर का ऐसा जाल बुना कि उनके अनुयायियों को लगने लगा कि परलोक सुधार के लिए उनसे बेहतर साधन कुछ और नहीं हो सकता है। ये बात अलग है कि अपनी तथाकथित काबिलियत के आवरण में वो ऐसे कृत्य को अंजाम देते हैं जो किसी भी कीमत पर न तो नैतिक है, न कानून सम्मत और न ही उसके पीछे कोई आध्यत्मिक आधार है। लाखों अनुयायियों की फौज वाले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक साध्वी के साथ छेड़छाड़ मामले में कानूनी फांस का सामना कर रहे हैं। लेकिन वो अकेले ऐसे नहीं है। आइए आप को उन संतों के बारे में बताने की कोशिश करते हैं। जो प्रवचनों से ज्यादा अनैतिक कृत्यों से चर्चा में रहे।
आसाराम बापू
इस नाम से भला कौन परिचित नहीं है। अपने समर्थकों में बापू के नाम से मशहूर आसाराम इहलोक से ज्यादा परलोक सुधारने का रास्ता बताते थे। लेकिन जब पूरी दुनिया को उनके बारे में चौंकाने वाली जानकारियां मिली तो सफेद लिबास में दर्शन की बात कहने वाला ये शख्स मलिन नजर आने लगा। 2013 में आसाराम बापू पर आरोप लगा कि उन्होंने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया था। पीड़ित लड़की का आरोप था कि आसाराम बापू अनैतिक यौनचार के लिए दबाव बनाते थे, हालांकि आसाराम आरोपों से इनकार करते रहे हैं। इसके अलावा 16 दिसंबर 2012 को निर्भया के साथ हुए अमानवीय कांड के लिए उन्होंने उसे ही जिम्मेदार बताया। आसाराम बापू ने कहा कि पांच या छह लोग दोषी नहीं हो सकते हैं। निर्भया को अपने गुनहगारों से रहम की अपील करनी चाहिए थी। अगर निर्भया ने वैसा किया होता तो न केवल उसकी इज्जत बच जाती, बल्कि उसकी जान भी सुरक्षित रहती। आसाराम बापू ने निर्भया को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि ताली सिर्फ एक हाथ से नहीं बजती है।

चंद्रास्वामी

विवादों में रहने वाले चंद्रास्वामी भी किसी परिचय के मोहताज नहीं है। ये बात अलग है कि वो अपने दर्शन से ज्यादा अपनी कारगुजारियों से चर्चा में रहे। चंद्रास्वामी अब इस दुनिया में नहीं हैं। बताया जाता है कि पूर्व पीएम पी वी नरसिम्हाराव के कार्यकाल के दौरान उनकी तूती बोलती थी। इसके अलावा वो ब्रिटिश पीएम मार्ग्रेट थैचर, अभिनेत्री एलिजाबेथ टेलर को आध्यात्मिक सलाह दिया करते थे। हालांकि उनका विवाद से नाम तब जुड़ा जब उनका नाम राजीव गांधी हत्याकांड में सामने आया। 1996 में लंदन स्थित कारोबारी लखु भाई पाठक के साथ धोखाधड़ी में नाम जुड़ा।


स्वामी नित्यानंद

अब देश के दक्षिणी इलाके पर नजर डालते हैं। दिन के उजाले में स्वामी नित्यानंद अपने समर्थकों को आत्मा से परमात्मा के मिलन का रास्ता बताते थे। लेकिन उनके समर्थकों के लिए रात कुछ ज्यादा ही काली होती थी। नित्यानंद के खिलाफ उनकी एक शिष्या ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कहा था कि वो जान से मारने की धमकी देते थे। इसके अलावा बेंगलुरु में नित्यानंद के आश्रम में छापेमारी के दौरान कंडोम और गांजा की बरामदगी हुई थी। ये भी आरोप लगाया जाता है कि तांत्रिक यौन संबंध स्थापित करने के लिए भी बेजा दबाव डाला जाता था।

संत रामपाल

अब एक बार फिर रुख उत्तर भारत के राज्य हरियाणा की तरफ करते हैं। देश और दुनिया को आध्यात्म की सीख देने से पहले रामपाल हरियाणा सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे। 2014 में करीब 30 घंटे के संघर्ष के बाद शांति के संदेश देने वाले अशांत नायक को उनके सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया गया।

महर्षि महेश योगी

मशहूर बीटल इंग्लिश रॉक बैंड से महेश योगी का संबंध था। महेश योगी पर आरोप है कि उन्होंने मिया फैरो से यौन संबंध स्थापित करने का दबाव बनाया, जिसके बाद बीटल ने उनसे संबंध विच्छेद कर लिया। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि बीटल की आड़ में महर्षि महेश योगी ड्रग्स का कारोबार किया करते थे। ये भी कहा जाता है कि बीच सेक्सी सैडी सांग को लिखने वाले जॉन लेनन ने उन पर हमला किया था। 2008 में महेश योगी की मौत हो गई थी।