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घर-घर तक पहुंचेगा बापू के शांति-सद्भाव का संदेश, प्रेरकों की नियुक्ति के लिए सरकार की योजना: सैनी

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– गांव-गांव में लगाए जाएंगे गांधी प्रेरक, आवेदन की अंतिम तिथि 29 अगस्त

भोपालगढ़। शांति एवं अहिंसा निदेशालय द्वारा प्रदेश भर में गांधीजी के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 5.31 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है। वहीं इसके साथ ही गांधीजी के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी गांवों व शहरों में 4500 रुपए प्रतिमाह के मानदेय पर करीब 50 हजार गांधी प्रेरकों की भर्ती भी की जा रही है और इसके लिए आवेदन भरने की मंगलवार को अंतिम तिथि है।

गांधी दर्शन समिति जोधपुर के जिला संयोजक शिवकरण सैनी ने बताया कि राजस्थान में शांति और अहिंसा विभाग की ओर से अमजन को गांधीवादी विचारों से जोड़ने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत गत जुलाई माह से आगामी दिसंबर 2023 तक पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम कराए जाएंगे। इनमें प्रदेश स्तरीय शांति सम्मेलन, संभाग स्तरीय अहिंसा सम्मेलन, पूरे प्रदेश में सर्वधर्म प्रार्थना सभाओं का आयोजन, कस्तूरबा दर्शन, अस्पृश्यता निवारण, नशा मुक्ति, आर्थिक असमानता व धर्म तथा शांति विषय पर राष्ट्रीय कार्यक्रम, प्रदेश एवं संभाग स्तरीय कौमी एकता कार्यक्रम, प्रदेश स्तरीय खादी व गांधीवादी संस्थाओं का सम्मेलन, गांधीजी के ग्राम स्वराज विषय पर चिंतन शिविर तथा गांधी दर्शन अर्द्धकुंभ व महाकुंभ के आयोजन किए जाएंगे। इसके साथ ही हमारे समाज में आपसी भाईचारे तथा युवाओं को गांधीजी के सिद्धांतों को अपनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों एवं आयोजनों के माध्यम से भी प्रोत्साहित किया जा रहा है और इन सभी आयोजनों से लोगों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान में देश के पहले शांति और अहिंसा विभाग के गठन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था, कि राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है, जहां इसका गठन किया गया है। इसके साथ ही, ब्लॉक व जिला स्तर पर भी इस विभाग के द्वारा लोगों को गांधी दर्शन के संबंध में प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही राजधानी जयपुर में बन रहा गांधी संग्रहालय भी अपनी तरह का विशिष्ट संग्रहालय होगा। जिससे लोगों को महात्मा गांधी के जीवन और उनके कार्यों को अच्छी तरह से जानने का अवसर मिलेगा। जिला संयोजक सैनी ने बताया कि शांति और अहिंसा विभाग राज्य सरकार की अभिनव पहल है तथा राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में शांति व अहिंसा विभाग की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य ही गांव-ढाणी और प्रत्येक प्रदेशवासी तक शांति व अहिंसा की भावना विकसित करना है। प्रदेश में इस विभाग के माध्यम से राज्य स्तर, सम्भाग स्तर व जिला स्तर पर महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। इन प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से दूरदराज गांवों तक के हजारों युवा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन आदर्शों के साथ-साथ शांति व अहिंसा के महत्व को आत्मसात कर रहे हैं।
— प्रेरकों की भर्ती आवेदन की अंतिम तिथि मंगलवार —
शिवकरण सैनी ने बताया कि शांति एवं अहिंसा विभाग की ओर से राज्य में गांधी दर्शन का प्रचार-प्रसार और गांधी पुस्तकालय व संविधान केंद्रों का संचालन करने के लिए 50 हजार गांधी प्रेरकों की भर्ती की जा रही है। इन्हें प्रतिमाह मानदेय मिलेगा और कार्यकाल एक साल का होगा। गत 16 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि मंगलवार  तक रखी गई है। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र एसएसओ पोर्टल पर जाकर कर सकते हैं और इसके लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष व अधिकतम आयु 50 वर्ष तक रखी गई है। भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरुरी है और इसमें महात्मा गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले प्रमाण पत्र धारक, स्काउट गाइड, एनसीसी सर्टिफिकेट धारी, सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, पूर्व बजट घोषणा में चयनित महात्मा गांधी सेवा प्रेरक एवं महिला एसएचजी को प्राथमिकता दी जाएगी।
— प्रदेश में चल रहे कई कार्यक्रम —
शांति एवं अहिंसा विभाग द्वारा गांधी दर्शन के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश के सभी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से भी आमजन को गांधीवादी विचारों से जोड़ा जा रहा है और इसके लिए राज्य सरकार भी हरसंभव प्रयास कर रही है। – शिवकरण सैनी, जिला संयोजक, गांधी दर्शन समिति, जोधपुर

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