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तय रेट नहीं देने से क्षुब्ध किसानों का कपास फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन

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– निम्बों का तालाब गांव का मामला, किसानों का आरोप – कपास बेचने पहुंचे किसानों फैक्ट्री संचालकों ने पहले भाव अलग बताए और बाद में अपनी कही बात से पलट गए

मतोड़ा। थाना क्षेत्र के ग्राम निम्बों का तालाब सरहद में पातावतों की ढाणी सड़क मार्ग पर नवनिर्मित कपास फैक्ट्री के रविवार को उद्घाटन समारोह में कपास बेचने के लिए पहुंचे किसानों ने कपास के उचित भाव नहीं देने का आरोप लगाते हुए फैक्ट्री के आगे विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान फैक्ट्री के लोकार्पण समारोह में किसानों को मिली जानकारी के अनुसार की कपास फैक्ट्री में बिना कपास के फैट की जांच किए प्रति ​क्विंटल के 8 हजार रूपए दिये जा रहे हैं, लेकिन फैक्ट्री संचालकों द्वारा किसानों को जैसे ही फैट करने का बोलने पर किसानों ने बवाल खड़ा कर दिया। इस स्थिति में दिनभर किसानों व फैक्ट्री संचालकों के बीच समझाइश का दौर चला जो शाम ढलने के बाद मामला शांत हुआ। तब-तक अ​धिकांश किसानों को बैंरग लौटना पड़ा। वहीं किसानों ने आरोप लगाया कि उनको बिना फैट जांच किए कपास लेने का बोलने पर किसान बीकानेर, जोधपुर जिले के दुरस्थ गांवों से भी अपने निजी ट्रेक्टर व गाडि़यों में कपास लेकर पहुंच गये, लेकिन वहां पहुंचने पर किसानों को निराशा हाथ लगी। उक्त मामले को लेकर मतोड़ा पुलिस को सुचना मिलने पर थानाधिकारी अचलाराम ढाका मय जाब्ता मौके पर पहुंचे।

हमने किसी को बिना फैट भाव देने का नहीं कहा: चौधरी

जो किसान आरोप लगा रहे हैं, कि उनको कपास के बीना फैट निकालने 80 रूपए किलो के भाव देंगे वो सरासर गलत बात हैं, यह भाव उसी किसान को मिलेगा जिसका फेट 40 का आयेगा। जिसका फैट कम आयेगा उसको भाव उसी अनुसार दिया जाएगा।

– सुरेन्द्र चौधरी कपास फैक्ट्री संचालक निम्बों का तालाब।

फैक्ट्री संचालक एवं किसानों के बिच में कपास खरीदने के भाव तय होने पर मामला शांत हो गया, जिसमें जो किसान सहमत थें उन्होने कपास को बेचा था, जिनको नही बेचना था वह अपने घर की ओर रवाना हो गए थें।

– अचलाराम ढाका, थानाधिकारी, मतोड़ा

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