लवली की गाड़ी में थी पिस्टल, बाइक की टक्कर से रूकी थी एसयूवी, जवाब में चलाई थी पुलिस ने गोलियां

हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा एनकाउंटर का एक और वीडियो आया सामने

हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा एनकाउंटर मामले में मौके का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सामने आया कि पुलिसकर्मियों की टीम और हिस्ट्रीशीटर के बीच जमकर मठभेड़ हुई। हिस्ट्रीशीटर को पकड़कर जानबूझकर गोली नहीं मारी, बल्कि लवली की गोलियों की बौछार के जवाब में गोलियां चलाई गईं।
वीडियो के आधार पर पुलिस अब यह दावा कर रही है कि असल में हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा की ओर से चलाई जा रही गोलियों के जवाब में जब पुलिस को फायर करना पड़ा। कंडारा जवाबी फायर में घायल हो गया था। बाद में अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद वाल्मीकि समाज के कुछ लोग इकट्ठा हो गए थे। पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग पर ही पोस्टमार्टम करने और शव उठाने की जिद करने लगे। समाज के लोगों के लामबंद होने से झुकी सरकार ने तुरंत ही चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश निकाल दिए। जांच सीआईडी सीबी को सौंप दी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि लवली कंडारा की सीट के पास नीचे की ओर एक पिस्टल पड़ी हुई है, जिससे वह गोलियां दाग रहा था। यही नहीं वीडियो में वह घायल ही दिखाई दे रहा है। उसकी बॉडी मूवमेंट में नजर आ रही है। यानी जब पुलिस उसके नजदीक पहुंची, उस समय तक उसकी मौत नहीं हुई थी। इसके अलावा वह पहले से रुका हुआ नहीं था। पुलिस उसका पीछा कर रही थी और वह रुक नहीं रहा था। उसी दौरान उसकी तेज रफ्तार गाड़ी ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस टक्कर के कारण लवली की गाड़ी रुक गई और पुलिस उसके समानांतर आ गई। तब तक वह पुलिस की गोली से जख्मी हो चुका था, लेकिन होश में था। साथ ही कार के गेट पर लगी गोलियों के निशान भी साफ नजर आ रहे हैं।
थाने का घेराव करने पहुंचे वाल्मीकि समाज के लोगों का आरोप था कि पुलिस ने कंडारा की हत्या की है। यह कोई एनकाउंटर नहीं था। जिसमें पीछा करते हुए गोलियां दागी हों, बल्कि पकड़े गए व्यक्ति पर गोलियां चलाकर उसकी हत्या की गई है। यह भी आरोप लगाया गया था कि कंडारा के पास तो किसी प्रकार का कोई हथियार ही नहीं था। जब पुलिस ने कहा कि वह फायर करता हुआ भाग रहा था और जवाबी फायर पुलिस की ओर से किए गए थे, तब एक बाइक की टक्कर के कारण ही उसकी गाड़ी रुकी थी। इस पर समाज के लोगों ने इसे पुलिस की कहानी बताया था।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने जिस तरह दबाव में पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, यह वीडियो उनका पक्ष पूरी तरह से स्पष्ट कर देता है। पुलिस ने घटनाक्रम में बताया था कि तेज रफ्तार कंडारा की एसयूवी ने बाइक सवार को चपेट में लिया। तब उसकी एसयूवी रुकी, उस समय दोनों गाडिय़ां बराबर आ गईं। पुलिस ने जवाबी फायर में गोलियां चलाई और हिस्ट्रीशीटर घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय कंडारा की मौत हो गई।

NEWS

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here