हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा एनकाउंटर प्रकरण गर्माया, तीसरे दिन भी नहीं उठाया शव, सांसद हनुमान बेनीवाल धरना स्थल पहुंचे

हिस्ट्रीशीटर लवली कंडारा का एनकाउंटर पुलिस व प्रशासन के लिए गले का फांस बन गया है। मौत को लेकर समाज का रोष शांत नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में उनका धरना जारी है। शनिवार को दोपहर तक शव नहीं उठाया गया था। रालोपा के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी आज दोपहर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने इस एनकाउंटर को फर्जी बताया। इधर मामला बिगड़ता देख मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वयं मोर्चा संभाला है। गहलोत भी नहीं चाहते है कि यह मामला राजनीतिक तूल पकड़े। यहीं कारण रहा कि एडीजी क्राइम रवि प्रकाश मेहरड़ा को उन्होंने जोधपुर भेजा लेकिन उनकी परिजनों के साथ वार्ता बेनतीजा रही। अब ऊपर से कुछ कांग्रेस नेताओं के पास फरमान आया है कि वे इस मामले को संभाले। कांग्रेस के कुछ नेता सक्रिय हुए भी है लेकिन वे भी फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहे है। ऐसे में अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। विरोध प्रदर्शन तेज होने आशंका के चलते एमडीएम अस्पताल आज तीसरे दिन भी पुलिस छावनी में तब्दील रहा। अस्पताल के सभी गेटों पर पुलिस जाब्ता तैनात होने के साथ अतिरिक्त जाब्ता भी मोर्चरी के बाहर तैनात है। वहीं लवली के परिजनों के समर्थन में शहर के सफाईकर्मियों की झाड़ू डाउन हड़ताल के तीसरे दिन शहर में गंदगी का अंबार लगना शुरू हो गया है।समाज के लोगों के साथ पुलिस अधिकारियों की वार्ता हुई लेकिन बात एसएचओ लीलाराम की बर्खास्तगी पर अड़ी है। सफाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रकाश टायसन व यूनियन नेता राजेश तेजी ने कहा कि जब तक सारी मांगे नहीं मानी जाएगी तब तक अड़े रहेंगे। इधर पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर की फायरिंग के वीडियो सहित पूरी घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज है जो साफ तौर पर बयां कर रहा है कि हिस्ट्रीशीटर ने फायरिंग की थी। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलाते के निर्देश पर एडीजी क्राइम रवि प्रकाश मेहरड़ा भी शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। उन्होंने लवली के परिजनों व समाज के लोगों के एक प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की जिसमें मांगों पर सहमति बनने के आसार लगे। फिर शाम को हुई वार्ता में एक बार पुलिस के अधिकारी रातानाडा थाने के सीआई लीलाराम को लाइन हाजिर करने पर राजी हो गए लेकिन समाज के लोग बर्खास्तगी के अलावा किसी बात पर तैयार नहीं थे इससे बात फिर अटक गई। देर रात तक कोई सकारात्मक नतीजा सामने आता नहीं देख गहलोत ने अपने विश्वस्त जेडीए के पूर्व चेयरमैन राजेन्द्र सोलंकी तक संदेश भेजा कि वे इस मामले को संभाले। सोलंकी की इस समाज के लोगों पर अच्छी पकड़ है। सोलंकी ने देर रात कुछ लोगों से बात भी की लेकिन बात नहीं मानी।

लवली कंडारा एनकाउंटर का शुरुआती घटनाक्रम का वीडियो आया सामने,
पुलिस ने रोकने की काफी कोशिश की लेकिन भाग निकला था लवली

शहर का चर्चित लवली कंडारा एनकाउंटर का शुरुआती वीडियो सामने आया है। एनकाउंटर का घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ इसकी कहानी को बयां कर रहा है यह वीडियो। लवली रातानाडा क्षेत्र में एक कार में अपने कुछ दोस्तों संग बैठा था। यकायक एक कार में पहुंची पुलिस ने कार को घेर उसे पकडऩा चाहा, लेकिन लवली का साथी कार को वहां से भगा ले गया। इस दौरान रातानाडा थानाधिकारी लीलाराम अपनी पिस्टल के बट से कांच पर प्रहार करते नजर आ रहे है। उनके ऐसा करने से ही कांच फूट गया था। इसके बाद शहर में आगे लवली और पीछे पुलिस की कार तेज रफ्तार के साथ भागती रही। और इसका अंत हुआ डिगाड़ी फांटे के पास लवली के एनकाउंटर के साथ।
दरअसल वर्दी पहने हुए लीलाराम सादा कपड़े पहने अपने तीन कांस्टेबलों के साथ रातानाडा क्षेत्र में पहुंचे। उनके कार रोकते ही तीन कांस्टेबल धड़धड़ बाहर निकल वहां खड़ी एक कार की तरफ बढ़ते है। दोनों साइड से कार को घेर वे दरवाजा खोलने का प्रयास करते नजर आ रहे है लेकिन लवली ने अंदर से दरवाजा व विंडो ग्लास बंद कर दिया। इसके साथ ही उसके संचालक ने कार को रवाना कर दिया। इस बीच हाथ में पिस्टल थामे लीलाराम अपनी कार से उतर लवली की कार की तरफ लपके। तब तक लवली की कार आगे बढ़ चुकी थी। लीलाराम ने अपनी पिस्टल के बट से विंडो ग्लास पर प्रहार किया। इससे यह ग्लास टूट गया लेकिन लवली वहां से भाग निकला। लवली के भागते ही लीलाराम अपनी कार की तरफ बढ़े और तेजी से उसका पीछा करना शुरू कर दिया। दोनों कारें शहर के व्यस्त मार्गों से बहुत तेजी के साथ भागते हुए आगे बढ़ती रही। इस दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज के पास ग्रीन गेट पर लवली की कार डिवाइडर पर चढ़ गई, तब तक लीलाराम की कार भी बहुत नजदीक आ गई। तब लवली ने कांच खोलकर पुलिस की तरफ हवाई फायर किया। जैसे ही पुलिस की कार रुकी, बैक लेते हुए कार को टक्कर मारी और भाग गई। मिलिट्री अस्पताल से होते हुए डिगाड़ी फांटा पर लवली की कार ने मोटरसाइकिल पर जा रहे दंपती को चपेट में ले लिया। लवली की कार इससे एक बार रुक गई तब तक लीलाराम की गाड़ी भी बगल में पहुंच गई। लीलाराम व लवली अपनी-अपनी गाड़ी में अगल-बगल हो गए और दोनों के हथियार एक-दूसरे के सामने थे। लवली की पहली गोली कार के बंपर व दूसरी गेट से होते हुए लीलाराम के पैरों में गिर गई। एक और गोली चलानी चाही, लेकिन पिस्टल में फंसी रह गई। दो फायर होने पर लीलाराम ने भी फायर खोल दिए व ताबड़तोड़ 7 राउंड चला दिए। लवली को गोली सीधे नहीं लगी, कार के गेट को छेद कर निकली गोलियां उसके सीने, पसलियों व हाथ में घुस गई। जैसे ही लवली गाड़ी में ही गिर पड़ा, ड्राइवर गेट खोल कर भागने लगा तब लीलाराम ने 8वां फायर हवा में किया और ड्राइवर को भी पकड़ लिया।

NEWS

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here