हनी ट्रैप में फंसे जासूसों को अश्लील चैटिंग कर फंसाया , एक ही महिला अलग-अलग नाम से कर रही थी चैटिंग

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत की महिलाओं के जरिये लगातार भारतीय लोगों को फांसने की कोशिश कर रहा है। जोधपुर में पंद्रह दिन पहले जासूसी के मामले में पकड़े गए एमईएस के एक कर्मचारी और उड़ीसा के बालासोर में हाल ही पकड़े गए पांच में से दो लोगों को एक ही महिला ने सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर हनी ट्रैप का शिकार बना डाला।
उड़ीसा का बालासोर भारतीय मिसाइलों का मुख्य परीक्षण स्थल है। देश में विकसित सभी मिसाइलों का यहां पर ही परीक्षण होता आया है। हाल ही वहां ठेके पर कार्यरत एक कर्मचारी को जासूसी के मामले में पकड़ा गया। उससे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर चार और को भी पकड़ा गया। इस दौरान राजस्थान में भी एक जासूस अलग से पकड़ा गया। राजस्थान की क्राइम ब्रांच ने उड़ीसा की क्राइम ब्रांच पुलिस से संपर्क साध दोनों मामलों के तार जोडऩे का प्रयास किया। इसमें चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। उड़ीसा में और जोधपुर में जासूसी करते पकड़े गए 3 लोगों को पाकिस्तान में बैठी आईएसआई के एक ही महिला एजेंट ने अपने खूबसूरती के जाल में हनी ट्रैप का शिकार बना दिया। जो तीनों से अश्लील चैटिंग करती थी। हनी ट्रैप का शिकार करने वाली महिलाओं के एकाउंट पाकिस्तान से संचालित किए जा रहा है, लेकिन उनकी प्रॉक्सी आईपी को गुप्त रखा हुआ है। इन दोनों मामलों में अब तक चार ऐसी महिलाओं के बारे में पता चला है। इनमें से तीन सोशल मीडिया एकाउंट इस्लामाबाद से और एक रावलपिंडी से संचालित हो रहा है। अपनी पहचान को गुप्त रखने के लिए ये लोग कई बार भारत व अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों की प्रॉक्सी आईपी का उपयोग कर लेते हैं। इन सभी आरोपियों के खातों में दुबई से राशि ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है।
बता दे कि राजस्थान की इंटेलिजेंस विंग ने पंद्रह दिन पूर्व मिलिट्री चीफ इंजीनियर जोन ऑफिस में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राम सिंह (30) को पाक खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करते पकड़ा। एमईएस सैन्य क्षेत्र और कुछ अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है। रामसिंह अपने कार्यालय में सैन्य क्षेत्र में प्रस्तावित निर्माण योजनाओं के गोपनीय पत्रों की फोटो खींच सीमा पार पाकिस्तान भेज देता था। खुफिया एजेंसियों को उसकी गतिविधियों के कारण संदेह हुआ। ऐसे में गत दो माह से उस पर नजर रखी जा रही थी। पूछताछ में सामने आया था कि वह हनी ट्रैप का शिकार हुआ था।


क्या होता है हनी ट्रैप
जैसा नाम से ही जाहिर है हनी यानि शहद और ट्रैप मतलब जाल। एक ऐसा मीठा जाल जिसमें फंसने वाले को अंदाजा भी नहीं होता कि वो कहां फंस गया है। किसका शिकार बनने वाला है। खूबसूरत महिला एजेंट्स ऐसे लोगों को पकड़ती है जो उन्हें महत्वपूर्ण सूचनाएं दे सके। इन लोगों तक पहुंच वे भारत में सक्रिय स्लीपर सैल के एजेंटों के माध्यम से बनाती है। हनी ट्रैप एक सोची समझी साजिश होती है, जिसके तहत किसी इंसान से राज उगलवाये जाते हैं। कोई खुफिया जानकारी निकली जाती है। हनी ट्रैप के काम में जुटी महिलाएं अलग-अलग नाम से अपने एकउंट बना कर उन्हें संचालित करती है। ये महिलाएं अपने को भारतीय दर्शाती हैं। कुछ माह पूर्व जैसलमेर में हनी ट्रैप का शिकार हुए एक व्यक्ति से पूछताछ में सामने आया कि उससे दोस्ती करने वाली महिला ने स्वयं को देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र समूह की रिपोर्टर बता अपने जाल में फांसा था। एक बार दोस्ती होने के बाद ऑनलाइन ये महिलाएं अश्लील चैटिंग करती हैं। इसकी रिकॉर्डिंग कर ये महिलाएं फिर ब्लैकमेल करना शुरू कर देती है।

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