सलमान खान को मिली राहत कोर्ट को गुमराह करने की शिकायत का प्रार्थना पत्र खारिज

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file photo

जोधपुर। बहुचर्चित हरिण शिकार प्रकरण में आरोपी फिल्म अभिनेता सलमान खान को कोर्ट को गुमराह करने की शिकायत वाले मामले में राहत मिली है। सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने सलमान के खिलाफ तत्कालीन वन अधिकारी ललित बोडा की ओर से पेश किए गए प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। वहीं दो प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई नहीं हो पाई, अब उन पर चार अक्टूबर को सुनवाई होगी।

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दरअसल अवैध हथियार के मामले में गत 23 अप्रेल 2015 को सलमान खान को बयान मुलजिम के लिए सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने तलब किया था लेकिन सलमान के अधिवक्ता ने कान में दर्द होने की वजह से हवाई यात्रा नहीं किए जाने की चिकित्सकीय सलाह पर हाजिरी माफी पेश की गई थी। इस पर तत्कालीन वन अधिकारी ललित बोडा ने 24 अप्रेल 2015 को सलमान के खिलाफ कोर्ट को गुमराह करने का प्रार्थना पत्र पेश किया था। उनका आरोप था कि कोर्ट में हाजिरी माफी पेश की गई जबकि उस दिन जम्मू में फिल्म बजरंगी भाईजान की शूटिंग में सलमान खान व्यस्त था। एेसे में बीमारी का झूठा बहाना बयाना गया है।

सलमान के अधिवक्ता ने बहस के दौरान कोर्ट को बताया कि कान में दर्द होने की वजह से सलमान खान के चिकित्सक ने हवाई यात्रा नहीं करने की सलाह दी थी एेसे में हवाई यात्रा नहीं होने की वजह से सलमान कोर्ट नहीं आ पाया था। झूठी हाजिरी माफी पेश नहीं की गई है। साथ ही कहा कि शुरू से ही बोडा का व्यवहार इस मामले में अच्छा नहीं रहा है। सीजेएम ग्रामीण ने इस मामले में पिछली सुनवाई पर आदेश सुरक्षित रखा था। बुधवार को सीजेएम ग्रामीण देव कुमार खत्री ने आदेश सुनाते हुए प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।

दो प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई चार को

वहीं दो प्रार्थना पत्रों पर आज भी सुनवाई नहीं हो पाई जिन पर अब चार अक्टूबर को सुनवाई होगी। एक प्रार्थना पत्र सरकार का है जिसमें सलमान खान के खिलाफ झूठा शपथ पत्र कोर्ट में पेश करने का है कि उसने हथियारो के लाइसेंस गुम होने का झूठा शपथ पत्र दिया था। वहीं दूसरा प्रार्थना पत्र सलमान खान की ओर से तत्कालीन वन अधिकारी ललित बोडा के खिलाफ है।

हत्या के पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या चार उपेन्द्र शर्मा ने हत्या के एक मामले में पांच आरोपियों का आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने करीब सात साल पहले ओवर टेक को लेकर हुई आपसी नोक झोक के बाद एक युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी।

अपर लोक अभियोजक मालमसिंह व दिनेश शर्मा ने कोर्ट में पैरवी करते हुए बताया था कि 19 जून 2010 को शास्त्रीनगर सर्किल पर कुछ लड़कों ने मृतक सुनील भाटी से ओवर टेक की बात पर झगड़ा किया। मामला इतना बिगड़ गया था कि आठ आरोपियों ने मिलकर सुनील भाटी की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। आरोपी के भाई दिलीप भाटी की रिपोर्ट पर शास्त्रीनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ने आरोपी कुनाल, रवि, अर्जुन, उपेन्द्र व दानीश को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही बीस-बीस हजार रुपए का जुर्माना लगाया है वहीं तीन आरोपी नाबालिग होने से उनके खिलाफ जुनेनाइल कोर्ट में मामला विचाराधीन है जिसमें एक पूर्व पार्षद का बेटा भी है।

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