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डिगरना के चौधरी ने पुस्तक लिखी

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– कृषि विषय में तैयारियां करने वालों की सहयोगी बनेगी पुस्तक 

नारद बोरुंदा। जोधपुर संभाग में कृषि विज्ञान की प्रथम पुस्तक लिखने वाले रामचन्द्र चौधरी जिन गांवों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए पुस्तक नहीं मिलती वहां के लाल ने कृषि छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कृषि की पुस्तक लिख दी।

हम बात कर रहे है पाली जिले के जैतारण तहसील के डिगरना गांव की जहां के रामचन्द्र चौधरी पुत्र आदुराम टोगस जो एक किसान परिवार से है। इन्होंने एक दृढ निश्चय किया कि यहां असंभव कुछ भी नहीं है अगर सच्चे मन से मेहनत की जाए तो आप सब कुछ प्राप्त कर सकते है ओर इन्होंने अपने प्रथम प्रयास में ही कृषि विभाग राजस्थान सरकार में चयनित हुए ओर कृषि अभ्यर्थियों के प्रेरक बने। ओर इन्होंने कृषि की ऐसी पुस्तक की रचना की जिसका हर कृषि अभ्यर्थियों के मुख पर नाम है “हैंडबुक ऑफ ऑब्जेक्टिव एग्रीकल्चर” इस पुस्तक ने उन विद्यार्थियों का भी मनोबल बढाया जो शहरों में जाकर कोंचिग नही कर पाते है। जो गाँव ढाणी तक बेठे है।

वर्तमान में कृषि विभाग ने कृषि पर्यवेक्षक की भर्ती निकाली है जिसमें सबसे ज्यादा कृषि अभ्यर्थी “हैंडबुक ऑफ ऑब्जेक्टिव एग्रीकल्चर” पुस्तक से तैयारी मे लगे हुए है। यह पुस्तक कृषि विभाग में निकलने वाली विभिन्न भर्तियों के लिए तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी। रामचंद्र चौधरी अपनी 10 वीं तक शिक्षा अपने पैतृक गांव डिगरना से की तथा 12वीं कृषि विज्ञान से बोरुंदा से की तथा एक कृषि प्रधान परिवार से होने से कृषि विज्ञान में रूचि के कारण कृषि में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इस मुकाम तक पहुंचने में अणदादेवी माता-आदुराम पिता तथा परिवार व गुरूजनों का सहयोग मिलता रहा तथा अपने साथियों का भी सहयोग रहा।

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