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खुद के बूथ पर 43 वोट से पीछे रहे अशोक गहलोत

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महेंद्र विश्नोई को भी उनके बूथ पर नहीं मिला पूरा समर्थन

प्रवीण धींगरा
जोधपुर। विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता जनार्दन ने कांग्रेस सरकार को नकार दिया तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने घर की सीटें भी बचा सके। गहलोत खुद अपने बूथ पर भाजपा प्रत्याशी से 43 वोट से पीछे रहे। कुछ ऐसा ही हाल लूणी से कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र विश्नोई का रहा। उनके बूथ पर ही उन्हें 158 वोट की शिकस्त मिली। बाकि विधानसभा सीट पर चार महिला प्रत्याशियों को छोड़कर सभी ने कम से कम अपने बूथ पर तो जीत हासिल की। चार महिला प्रत्याशी मीना कंवर, मनीषा पंवार, दिव्या मदेरणा व गीता बरवड़ अपने विधानसभा की वोटर नहीं होने के कारण खुद को वोट नहीं दे सकी।
बात सूरसागर की करे तो यहां कांग्रेस प्रत्याशी शहजाद को उनके बूथ पर मतदाताओं ने एकतरफा वोट दिए। यहां भाजपा के देवेन्द्र जोशी को महज 19 वोट ही मिले। शहर सीट पर अतुल भंसाली के बूथ पर दोनों प्रत्याशियों में मुकाबला दिखा। सरदारपुरा में जहा अशोक गहलोत को उनके बूथ पर कम वोट मिले तो प्रतिद्वंद्वी प्रो. महेन्द्र राठौड़ के बूथ पर गहलोत 461 वोट से पीछे रहे।

इतने बूथ पर ये प्रत्याशी दहाई के आंकड़े में रहे

सरदारपुरा : अशोक गहलोत 5, प्रो. राठौड़ 23 बूथ पर
शहर : मनीषा पंवार 01, अतुल 13 बूथ पर
सूरसागर : ई. शहजाद 36 बूथ पर तो देवेन्द्र जोशी 17 पर

एक बूथ पर सबसे कम किसे कितने वोट मिले

देवेंद्र जोशी को सबसे कम 3 वोट, ई. शहजाद को 28, मनीषा को 67, अतुल को 9, अशोक गहलोत को 57, प्रो. राठौड़ को सबसे कम 4 वोट मिले

Ashok Gehlot trailed by 43 votes in his own booth.

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