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Jodhpur

RTE की पालना के लिए राज्यपाल से की अपील

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जोधपुर। शिक्षा, चिकित्सा जागृति मंच ने राज्यपाल से अपील की है कि आरटीई की प्रदेश में पालना सुनिश्चित करवाई जाए। मंच की ओर से कहा गया है कि संसद द्वारा पारित शिक्षा का अधिकार 2009 सम्पूर्ण देश में लागू होने के साथ ही सम्पूर्ण राजस्थान प्रदेश में भी लागू हुआ था, दुर्बल एवं असुविधाग्रस्त समूह के बच्चों को प्रवेश देकर निशुल्क शिक्षा का प्रावधान करके इस वंचित वर्ग को मुख्य धारा में लाने हेतु यह क्रांतिकारी कानून लागू किया गया था। लेकिन कि राजस्थान के समस्त नीजि स्कूलों द्वारा कानून को तोड़ने के लिए गली निकाल रखी है, प्रति वर्ष RTE प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने पर उस स्कूल की प्रवेश योग्य प्रथम कक्षा में 25% बच्चों को RTE के तहत निशुल्क प्रवेश देने का प्रावधान है, परन्तु स्कूलों द्वारा प्रवेश न देकर भौतिक सत्यापन तक ENTERY कक्षा में किसी भी सशुल्क वाले बच्चों को प्रवेश नही दिया जाता है। जबकि स्कूलों द्वारा नया सत्र शुरू होते ही सशुल्क बच्चों को प्रवेश देने का काम शुरू कर दिया जाता है, लेकिन रिकार्ड में इनको दर्ज नही किया जाता है, ताकि विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन के समय अपने आप को सही साबित कर दिया जाता है। भौतिक सत्यापन के तुरंत बाद एक साथ रोके गये सशुल्क बालको को प्रवेश दे दिया जाता है, इस प्रकार RTE से बालक प्रवेश से वंचित रह जाते है। राजस्थान के समस्त स्कूलों में आज तक प्रवेशित बच्चों की संख्या एवं उन स्कूलों में सशुल्क बालको की संख्या देखने पर यह अंतर स्वयं जानकर हैरान रह जाएंगे। मंच ने मांग की है कि जिन स्कूलों द्वारा इस पर प्रकार आपराधिक कृत्य किया गया है, उनकी जांच करके उन समस्त स्कूलों में जो सीट खाली रह गयी है, उन पर RTE के तहत प्रवेश दिलाकर वंचित वर्ग के बच्चों को राहत दिलाई जाए।

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