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परिसीमन के बाद लगातार तीन चुनाव हार, 2023 में भोपालगढ़ सीट जीतने के लिए कांग्रेस मंत्रणा शुरू

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पूर्व सांसद जाखड़ का दावा – इस बार कांग्रेस ही जीतेगी भोपालगढ़ सीट, कार्यकर्ता आज से ही तैयारियों में जुट जाएं

नारद भोपालगढ़। भोपालगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर कांग्रेस पार्टी की बैठक रविवार को कस्बे के कांग्रेस कार्यालय में पाली के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ की अध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व भोपालगढ़ विधानसभा प्रभारी डिंपल राठौड़ की मौजूदगी में आयोजित हुई। ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश जाखड़ ने बताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव की बैठक को संबोधित करते हुए पाली के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भोपालगढ़ सीट से कांग्रेस पार्टी जीतेगी। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता एकजुट होकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाएं। भोपालगढ़ विधानसभा प्रभारी पीसीसी सचिव डिंपल राठौड़ ने 2023 के विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की फीडबैक वन टू वन लेकर उम्मीदवारों के आवेदन भी लिए गए। इस दौरान 9 उम्मीदवारों ने अपनी उम्मीदवारी जताई। उम्मीदवारों से कांग्रेस पार्टी को किस प्रकार से मजबूत करते हुए चुनाव में जीत की जा सके इसके बारे में भी जानकारी ली। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं से भी अलग-अलग जानकारी पार्टी को मजबूत करने के लिए ली गई।

भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता कस चुके हैं कमर

इस दौरान बैठक में नारायणराम जाखड़, जिला परिषद सदस्य मांगीलाल पारासरिया, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश जाखड़, सुमेर सिंह गजसिंहपुरा, भेरूलाल देवड़ा, शिवकरण सैनी, मोहनराम देवड़ा, पुसाराम मेघवाल, गादेरी सरपंच मनीराम मेघवाल, कागल सरपंच जगदीश डूडी, डॉ श्रवणराम मेघवाल, सरपंच रामदयाल जाखड़, महेंद्र प्रताप देवड़ा, हेम सिंह, अर्जुनराम धेडू, खियाराम सोउ, सोहनराम फडौदा, गीता बरवड़, कपिल मेघवाल, फारुख चिश्ती, नरेश चौधरी सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद थे।

पिछले तीन चुनावों का परिणाम

भोपालगढ़ राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब महज चार माह शेष है। राजनीतिक दलों ने चुनावी समर के लिए कमर कसना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के लिए प्रदेश की भोपालगढ़ सीट बेहद चुनौती बनी हुई है। इस सीट पर कांग्रेस लगातार तीन चुनाव हार चुकी है। प्रसिमन के पहले भोपालगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा था।प्रदेश में नई सरकार का सारा दारोमदार भोपालगढ़ सहित कई सीटों से तय होगा। कांग्रेस ने भोपालगढ़ सीट के लिए इस बार अलग रणनीति तैयार की है ताकि भाजपा का मजबूत गढ़ बन चुकी इन सीटों में से कुछ को हथिया कर बढ़त बनाई जा सके। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर जोधपुर की भोपालगढ़ सीट शामिल है। कांग्रेस यहां पर काफी पहले अपने प्रत्याशी उतारने की रणनीति बना रही है।

राजस्थान विधानसभा की 200 सीट में से करीब एक तिहाई सीट कांग्रेस लगातार तीन बार हार रही है। यही कारण है कि प्रदेश में तीन में से दो बार उसकी सरकार अवश्य बनी, लेकिन जोड़ तोड़ से। ऐसे में कांग्रेस भोपालगढ़ सहित इन सभी सीटों का कई बार सर्वे करवा चुकी है। इन सीटों के जातीय समीकरणों को बेहद बारीकी से खंगाला जा रहा है। कांग्रेस का मानना है कि इनमें से आधी सीट भी यदि भाजपा से झटक ली जाए तो प्रदेश में उसकी फिर से सरकार बन सकती है, लेकिन पार्टी के लिए ऐसा कर पाना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इनमें से अधिकांश सीट पर कांग्रेस की गुटबाजी बहुत ज्यादा है। साथ ही कुछ सीटों पर पार्टी कभी मजबूत प्रत्याशी मैदान में नहीं उतार पाई। वहीं कुछ सीटों पर उसकी चुनावी रणनीति बेहद कमजोर रही। इन सीटों पर लगातार हार के कारणों की तह में जाकर पता करने का प्रयास नहीं किया गया।

#After delimitation, three consecutive election defeats, Congress talks to win Bhopalgarh seat in 2023

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