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लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने गीता बरबड़ को बनाया भोपालगढ़ से प्रत्याशी

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भोपालगढ़। लंबे इंतजार और कई दौर की बैठकों के बाद कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी चौथी सूची जारी कर दी है। भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने राजस्थान जेल बोर्ड सदस्य गीता बरवड़ को प्रतियाशी बनाया है। गीता सुरसागर विधानसभा के तीन बार विधायक व पूर्व राजस्व मंत्री नरपत बरवड़ की पुत्री है। वही माता हीरादेवी ने 2008 में भोपालगढ़ से विधानसभा का चुनाव लडा था।जिसमे वो भाजपा की कमसा मेघवाल से हार गए। दूसरी तरफ भाजपा ने अभी अपना प्रत्याशी घोषित नही किया है।

दो बार जिला परिषद सदस्य के साथ पार्टी में विभिन्न पद पर रहे। गीता बरवड़ ने दो बार जिला परिषद का चुनाव जीता जिसमे एक बार भोपालगढ़ से तो एक बार शेरगढ़ विधानसभा से जीत दर्ज की गई। इसके साथ जिला देहात कांग्रेस कमेटी में सदस्य पद पर भी सेवाए दी। भाजपा तीन विधानसभा चुनावों से एक ही प्रत्याशी,इस बार अभी तक प्रत्याशी नही उतारा। भाजपा इस सीट पर 2008 के बाद चुनाव व 2013 में जीत दर्ज की है। 2008 व 2013 में कमसा मेघवाल भोपालगढ़ से विजय रहे।वही 2018 में RLP ने जीत दर्ज की है। परिसीमन के बाद से कांग्रेस भोपालगढ़ में जीत को तरस रही है।

मदेरणा परिवार का गढ़ रहा भोपालगढ़

भोपालगढ़ विधान सभा मदेरणा परिवार का गढ़ रहा।सबसे ज्यादा विधायक मदेरणा परिवार ही रहा। परिसीमन से पहले भोपालगढ़ कांग्रेस का गढ़ रही।वही परिसीमन के बाद कांग्रेस जीत को तरस रही है। 1967 में भोपालगढ़ विधानसभा का गठन हुआ था।जिसमे 1967, 1972, 1977, 1980, 1990, 1998 तक परसा राम मदेरणा जीतते आए। वहीं 2003 में आखिरी बार कांग्रेस से महिपाल मदेरणा जीते है।इस बार भोपालगढ़ सीट कांग्रेस जितने के लिए भरसक तैयारी में लगी है।गीता बड़बड़ को भोपालगढ़ का प्रत्याशी बनाए जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओ में खुशी का माहोल है।1967 कांग्रेस से एम पी राम, 1972 में कांग्रेस से परस राम मदेरणा, 1977 में कांग्रेस से परस राम मदेरणा,1980 में कांग्रेस से परस राम मदेरणा, 1985 में एल के डी के नारायण राम बेड़ा, 1990 में कांग्रेस से परस राम मदेरणा, 1993 में कांग्रेस से राम नारायण डूडी, 1998 में कांग्रेस से परस राम मदेरणा, 2003 में कांग्रेस से महिपाल मदेरणा जीते उसके बाद परिसीमन हो गया और 2008 में कांग्रेस का गढ़ ढहाने में भाजपा की कमसा मेघवाल भाजपा से विधायक बनी। उसके बाद 2013 में भाजपा से कमसा मेघवाल विधायक रही लेकिन 2018 में कांग्रेस भाजपा दोनो पार्टियों के हाथ से सीट निकल गई और रालोपा के पुखराज गर्ग ने जीत दर्ज की।

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