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स्पीकर्स सम्मेलन: गहलोत बोले- कई बार न्यायपालिका से मतभेद होते है

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राजस्थान विधानसभा में आज 83 वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों को सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सम्मेलन में सार्थक चर्चा होगी।कई बार न्यायपालिका से मतभेद होते हैं। ज्यूडिशियरी हमारे कामों में हस्तक्षेप कर रही है। इंदिरा गांधी ने प्रिवी पर्स खत्म किए थे। इसे ज्यूडिशियरी ने रद्द कर दिया था। बाद में बैंकों के राष्ट्रीयकरण से लेकर उनके सब फैसलों के पक्ष में जजमेंट आए। पक्ष-विपक्ष सभी अपना महत्व रखते हैं। भारतीय लोकतंत्र की खूबी रही है। पंडित नेहरू की सरकार में  डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भीमराव अंबेडकर जैसा नेता मंत्री थे। देश के लोकतंत्र की गौरवशाली परंपरा रही है। लोकतंत्र कायम रहा। इसलिए न्यायपालिका स्वतंत्र है। उतार-चढ़ाव कई आए है। मैंने एक बार अटल जी स्पीच सुनी। कई बार ये कोशिश होती है कि सदन अच्छे से चले। स्पीकर के सामने सदन चलाना चुनौती की तरह है। सरकार और विपक्ष के बीच संतुलन कायम रखना चुनौती है। स्पीकर की विश्ववनीयता बनी रहे, यह काम आसान नहीं है। सीएम गहलोत ने कहा कि संसद और विधानसभाएं कानून बनाती है। कई बार न्यायपालिका का हस्तक्षेप होता है। इंदिरा गांधी ने बैंका राष्ट्रीयकरण किया तो न्यायपालिका ने इसे रद्द कर दिया था। आज गांव-गांव में बैंक खुल गए है। 

सीएम ने कहा- 40 साल से मैंने भी देखा है। कई बार हाउस नहीं चलता। 10-10 दिन गतिरोध चलता है। फिर भी पक्ष और विपक्ष मिलकर भूमिका निभाता हैं। पक्ष विपक्ष अपनी अपनी बात करते हैं। जब 75 साल निकल गए हैं तो देश का भविष्य बहुत उज्जवल है। हम संविधान की रक्षा करें। कई बार उस पर भी सवाल उठते हैं। देश में जो माहौल होता है, उसका लोकसभा विधानसभा हाउस पर भी फर्क पड़ता है।राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष दोनों राजस्थान से है। खुशनुमा माहौल में चर्चा होगी। राजस्थान की मेजबानी का अपना स्थान है। स्पीकर सीपी जोशी क्रांतिकारी नेता है। अपने मूल विचार प्रकट करते ही है, विधानसभा से एक स्पीकर रहे हैं रामनिवास मिर्धा, बड़ी हस्ती थे। सीएम ने कहा कि स्पीक सीपी जोशी ने नवाचार किया है, वो ऐतिहासिक है। 1952 से लेकर अब तक प्रोसेडिंग डिजीटल की। स्पीकर जोशी ने मुझे श्रेय दिया है। विधायक आवास, कांस्टी्ट्यूशन क्लब का। शानदार विधायकों के आवास बन रहे है। लेकिन सीपी जोशी का सहयोग नहीं मिलता तो यह काम नहीं होता। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने पीएम मोदी का भाषण पढ़ा। देश की आजादी का अमृत काल चल रहा है। ये सम्मेवन नवाचारों की पहल के लिए मजबूत मंच साबित होगा। मेरी और से शुभकामनाएं। स्पीकर जोशी ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का भाषण भी पढ़ा। सीपी जोशी ने सम्मेलन में कहा कि कानून मुद्दों की बजाय स्वायत्ता के मुंद्दे पर बात करूं तो बेहतर होगा। 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संविधान निर्माताओं की मंशा रही है कि देश में कानून बनाने की जिम्मेदारी हमारी है। कानून में जनता की सक्रिय भागीदारी हो। संसद और विधानसभाओं की भूमिका अहम। हमें चिंतन करने की आवश्यकता है कि 75 साल भी हमें शालीनता और गरीमा की बात करनी पड़ रही है। लोकतंत्र की मजूबती के लिए सदन के अंदर गरीमा और शालिनता होनी चाहिए। कानून प्रभावी बनाने के लिए उच्च कोटि की भूमिक होनी चाहिए। जरूरी है व्यापक और गंभीर चर्चा हो। कानून बनाने के लिए जिस तरह समय कम हो रहा है वह चिंता का विषय है। बदलते परिवेश  में आईटी का महत्व है। संस्थाओं के प्रति लोगों में अधिक भावना होनी चाहिए।

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