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सचिन पायलट CM की दौड़ में बने होने का देंगे मैसेज? कल से करेंगे सभाएं

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राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पालट कल 16 जनवरी से पांच जिलों के दौरे पर रहेंगे। पायलट के दौरे को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। बजट सत्र से पहले पायलट शक्ति प्रदर्शन करेंगे। पायलट का दौरा खासा चर्चा में है। पायलट के दौरे की चर्चा इसलिए हो रही है कि उनका यह दौरा पार्टी की तरफ से घोषित कार्यक्रम नहीं है। पायलट दौरे के दौरान मंदिर दर्शन और किसान सम्मेलन को संबोधित कर राजनीतिक क्षमता का भी शक्ति प्रदर्शन करेंगे। गहलोत कैंप की पायलट की सभाओं पर नजर रहेगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार सचिन पायलट कल 16 जनवरी को दिन में करीब 12 बजे नागौर जिले के परबतसर पहुंचेंगे। किसान सम्मेलन में शिकरत करेंगे, इसके बाद खरनाल में वीर तेजाजी मंदिर में दर्शन करेंगे। नागौर सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन नागौर से पीलीबंगा जाने का कार्यक्रम है। पीलीबंगा में किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। हनुमानगढ़ जिले के अमरपुरा भद्रकाली मंदिर में दर्शन करेंगे। पायलट इस दौरान कार्यकर्ताओं और आमजन से मुलाकात करेंगे। बता दें, सचिन पायलट का कल से पांच जिलों को दौरा शुरू होने जा रहा है। पायलट अपने दौरे की शुरुआत हनुमान बेनीवाल के गढ़ नागौर से करेंगे। आरएलपी संयोजक बेनीवाल नागौर से सांसद है। 

ऐसा माना जा रहा है कि सचिन पायलट पार्टी आलाकमान से अनुमति के बाद ही दौरे कर रहे हैं। पायलट हाल ही में पंजाब में राहुल गांधी से मिले थे। पायलट भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए थे। इस दौरान पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से पायलट की मुलाकात हुई। माना जा रहा है कि रंधाव से सलाह-मशविरा के बाद ही पायलट ने जिलों के दौरे का कार्यक्रम जारी किया था। ऐसे में माना जा रहा है कि पायलट कैंप पर गहलोत कैंप के नेता हमला करने से बचेंगे। हालांकि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से पायलट के दौरे को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 के अंत में होने वाले हैं। पायलट कैंप प्रदेश में लगातार नेतृत्व परिवर्तन की मांग करता रहा है। लेकिन राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद पायलट कैंप के नेताओं ने चुप्पी साध ली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पायलट के दौरे से प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्मा सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि पायलट सीएम फेस की मांग को जिंदा रखना चाहते हैं। इसलिए प्रदेश के दौरे पर जा रहे हैं। सचिन पायलट के दौरे से प्रदेश कीी राजनीति में एक बार फिर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होने के आसार बन रहे हैं।

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