33.7 C
Jodhpur

वसुंधरा राजे की तर्ज पर पायलट की नई रणनीति किसके लिए खतरे की घंटी? 

spot_img

Published:

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की तर्ज पर सचिन पायलट ने पार्टी संगठन से इतर जिलों की यात्रा करने की तैयारी कर ली है। पायलट का पांच जिलों का दौरा खासा चर्चा में है। चर्चा इसलिए है कि उनका यह दौरा पार्टी की तरफ से घोषित कार्यक्रम नहीं है। 16 जनवरी से सचिन पायलट पांच जिलों में जनसंपर्क कर राजनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री की दौड़ में बने रहने का मैसेज देंगे। पायलट यह भी बताना चाहेंगे की उनके सामने बाकी चेहरे खास मायने नहीं रखते हैं। पायलट के जनसंपर्क अभियान को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर माना जा रहा है। पायलट के इस दांव से प्रदेश की सियासत गरमा सकती है। पायलट 20 जनवरी तक पांच जिलों में जनसंपर्क करेंगे। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले पायलट जनसंपर्क कार्यक्रम के माध्यम से सीएम गहलोत को अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। पायलट की नई रणनीति से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गहलोत-पायलट समर्थक आमने-सामने हो सकते हैं। पायलट के कार्यक्रम से संगठन दूरी बना सकता है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से पायलट के जनसंपर्क अभियान को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पायलट के कार्यक्रम से एक बार फिर गहलोत-पायलट कैंप में खींचतान बढ़ सकती है।

[bsa_pro_ad_space id=2]
spot_img
spot_img

सम्बंधित समाचार

Ad

spot_img

ताजा समाचार

spot_img
error: Content is protected !!