36 C
Jodhpur

वसुंधरा नेता प्रतिपक्ष की रेस में शामिल, जानिए प्रमुख दावेदारों के नाम

spot_img

Published:

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली हो गया है। गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाने जाने के बाद पद खाली हो गया। वसुंधरा राजे समेत दिग्गज नेता रेस में शामिल है। कटारिया को राज्यपाल बनाए जाने के बाद अब विधानसभा को नया नेता प्रतिपक्ष मिलेगा। इस दौड़ में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वहीं उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का नाम भी चर्चा में हैं। दलित नेता के तौर पर जोगेश्वर गर्ग और मदन दिलावर का नाम भी चर्चा में हैं. अन्य प्रमुख नेताओं में कालीचरण सराफ और नरपत सिंह राजवी भी सीनियर हैं. गुलाबचंद कटारिया को फ्लोर मैनेजमेंट में महारत हासिल थी। कटारिया सुंदर सिंह भंडारी की अंगुली पकड़कर सियासत में आगे बढ़े. वो राजस्थान में कई सरकारों में मंत्री रहे हैं. भैरोसिंह शेखावत सरकार में मंत्री रहे इसके साथ ही राजे सरकारों में गृह मंत्री समेत विभिन्न पदों पर रहे।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 के अंत में है। ऐसे में वसुंधर राजे के नेता प्रतिपक्ष बनने से इंकार कर सकती है। राजेंद्र राठौड़ को वसुंधरा कैंप पंसद नहीं करता है। ऐसे में माना जा रहा है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल नेता प्रतिपक्ष बने सकते हैं। मेघवाल वरिष्ठ नेता है। वसुंधरा कैंप के माने जाते हैं। कटारिया राजस्थान बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और वह आरएसएस के स्वयंसेवक रहे। फिर जनसंघ से बीजेपी तक पहुंचे। राजस्थान के मेवाड़ से आने वाले 8 बार के विधायक बीजेपी नेता गुलाब चंद कटारिया वर्तमान में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले राजस्थान के गृह मंत्री पद, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री रह चुके हैं। वहीं कटारिया पार्टी की केन्द्रीय कार्य समिति के सदस्य भी रहे हैं। उदयपुर से ही 9वीं लोकसभा में सांसद भी चुने गए थे। 

हाल ही में राजस्थान विधानसभा में बजट के दौरान सीएम गहलोत-कटारिया के बीच जमकर सियासी तीर चले थे। गहलोत कहते रहे हैं कि कटारिया की उम्र ज्यादा हो गई है। उन्हे मार्गदर्शन मंडल में शामिल कर लेना चाहिए। महाराणा प्रताप विवाद मामले में सीएम गहलोत ने कहा था कि गुलाबचंद कटारिया जी का मैं व्यक्तिगत रूप से बहुत सम्मान करता हूं। मैंने उनको कई बार समझाने का प्रयास भी किया है कि आप एक सीमा से आगे मत बढ़ो, पर वो चूक ही नहीं सकते। महाराणा प्रताप के बारे में क्या-क्या बातें बोल दीं, क्या राजस्थान के लोग भूल सकते हैं उनको ? इतना गुस्सा राजस्थान के लोगों में है कि कोई कल्पना नहीं कर सकता, विशेषकर राजपूत समाज के अंदर।

[bsa_pro_ad_space id=2]
spot_img
spot_img

सम्बंधित समाचार

Ad

spot_img

ताजा समाचार

spot_img
error: Content is protected !!