46.1 C
Jodhpur

राहुल गांधी के एक तरफ गहलोत, दूसरी ओर बघेल; कांग्रेस का क्या है संदेश ?

spot_img

Published:

चार साल पहले दिए एक बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुश्किलें दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही हैं। बयान देने के बाद सबसे पहले उनपर मानहानि का केस हुआ। केस के बाद कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब लोकसभा सचिवालय ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए उनकी सदस्यता ही रद्द कर दी। सांसदी जाने के बाद राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी के अगल-बगल कांग्रेस के कई दिग्गज नेता बैठे थे। मंच पर बैठे लोगों को लेकर अब कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। आइए समझते हैं पूरा मामला…

कांग्रेस का क्या है संदेश?
सांसदी जाने के बाद पहली बार राहुल गांधी मीडिया से बातचीत करने आए। ऐसे में कांग्रेस पार्टी लोगों के बीच कई संदेश पहुंचाना चाहती थी। एक तरफ जहां राहुल गांधी अपने संबोधन के दौरान भाजपा पर जमकर बरसे तो वहीं दूसरी ओर उनकी अगल-बगल कांग्रेस के दो दिग्गज ओबीसी नेताओं को बैठाया गया। कांग्रेस पार्टी ने इससे यह संदेश दिया कि राहुल गांधी ओबीसी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। साथ ही कांग्रेस पार्टी ने यह भी संदेश दिया कि भाजपा का यह आरोप कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने ओबीसी समुदाय का अपमान किया यह भी गलत है।

सांसदी जाने के बाद राहुल गांधी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने पूछा कि मोदी सरनेम वाले बयान को लेकर भाजपा आपसे माफी की मांग कर रही है, इसपर आप क्या सोचते हैं? राहुल ने जवाब देते हुए कहा, ‘राहुल गांधी सोचता है कि मेरा नाम सावरकर नहीं है। मेरा नाम गांधी है। गांधी किसी से माफी नहीं मांगता।’

[bsa_pro_ad_space id=2]
spot_img
spot_img

सम्बंधित समाचार

Ad

spot_img

ताजा समाचार

spot_img
error: Content is protected !!