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राजस्थान विधानसभा बजट सत्र कल से, सरकार को इन मुद्दों पर घेरेगी बीजेपी

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राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र 23 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सीएम गहलोत 8 फरवरी को बजट पेश करेंगे। बजट सत्र काफी हंगामेदार रहेगा। बीजेपी ने सरकार को घेरनी की रणनीति बनाई है। बीजेपी पेपर लीक समेत कानून व्यवस्था के मुद्दे पर गहलोत सरकार को सदन में घेरेगी। बीजेपी सांसद किरोड़ी लाल ने 23 जनवरी को विधानसभा घेराव का आह्वान किया है। इसके लिए बीजेपी सांसद कई दिनों से जयपुर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों से संपर्क किया।किरोड़ी लाल ने लालसोट, हिंडोन सिटी, बस्सी, दौसा, महेश नगर और जगतपुरा में स्टूडेंट्स से संपर्क किया है। किरोड़ी लाल के घेराव को लेकर एजेंसियां अलर्ट मोड़ पर है। गहलोत सरकार का यह अंतिम बजट होगा। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सीएम गहलोत इस बार लोक लुभावन और चुनावी बजट पेश करेंगे। बजट में किसान, युवा, बेरोजगारों, महिलाओं, एससी-एसटी और आम-गरीब वर्ग के साथ ही व्यापारी वर्ग का भी ख्याल रखा जाएगा।गहलोत अपने तीसरे कार्यकाल के अंतिम वर्ष का बजट जल्द से जल्द पेश करना चाहते थे।

विधानसभा में राज्‍यपाल कलराज मिश्र के अभिभाषण के दौरान की जाने वाली व्‍यवस्‍थाओं का रिहर्सल भी किया गया। तैयारियों को लेकर प्रमुख सचिव महावीर प्रसाद शर्मा ने सभी व्‍यवस्‍थाओं की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। शर्मा ने विधानसभा भवन में संचालित चिकित्‍सालयों में पर्याप्‍त स्‍टाफ, दवाएं और जांच उपकरण आदि स्‍थापित करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही कार्मिक और सामान्‍य प्रशासन विभाग की ओर से मंत्री मण्‍डल के सदस्‍यों के नाम, विभाग, निवास स्‍थान के पते, कार्यालय एवं निवास के दूरभाष नंबरों की संशोधित सूची उपलब्‍ध कराने, अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, विशिष्‍ट शासन सचिव, विभागीय अध्‍यक्ष एवं उनके अधीन विभागों के पते, कार्यालय व निवास के दूरभाष नंबरों की सूची विधान सभा सचिवालय को भेजने को कहा है।

राजस्थान में गहलोत सरकार चार पूरे कर चुकी है। विधानसभा चुनाव 2023 के अंत में है। ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम गहलोत लोकलुभावन और चुनावी बजट पेश करेंगे। गहलोत सरकार का यह अंतिम बजट होगा। सरकार चाहती है कि बजट सत्र के दौरान विधानसभा में अपनी परफोर्मेंस बेहतर दिखा सके। चूंकि चुनावी साल के कारण विपक्ष भी सरकार पर पूरी तरह हमलावर रहेगा। इसलिए सरकार चाहती है कि विपक्ष के सवालों और कटाक्षों का उसके पास पूरा जवाब रहे। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले मंत्रियों को फील्ड में भेजने के पीछे यही मंशा रही है कि तमाम विभागों की ओर से फील्ड में हो रहे काम की पूरी जानकारी रहे ताकि सरकार विधानसभा में फजीहत होने से खुद को बचा सके। इसी मकसद को पूरा करने के लिए सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को फील्ड में जाने के निर्देश सीएम गहलोत ने दिए थे।

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