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राजस्थान बीजेपी ने बनाई रणनीति, बजट सत्र में बढ़ेगा सियासी ताप

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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत अपने तीसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेंगे। विधानसभा का बजट सत्र 23 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। बीजेपी ने गहलोत सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। हाल ही में बीजेपी की मीटिंग हुई। जिसमें गहलोत सरकार को घेरने के मुद्दों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि बजट सत्र काफी  हंगामेदार होगा। सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पर हंगाम होने के पूरे आसार है। बीजेपी सीएम गहलोत पर सीधा हमला करेगी। बता दें, बजट सत्र से पहले सीएम गहलोत ने रविवार को कहा- हमने चार साल में अधिकांश बजट घोषणाएं पूरी कर दी है। एसेंबली में बीजेपी की ऐसी पिटाई हुई है। मुंह छिपाकर जाना पड़ा है। बीजेपी नेता मीडिया से नजर नहीं मिला सकते। माना जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया सीएम गहलोत के बयानबाजी पर घेर सकते हैं। बजट सत्र मेंं गहलोत सरकार आधा दर्जन बिल पेश कर सकती है।  इनमे राइट टू हैल्थ बिल ्अहम माना जा रहा है। पिछले सत्र में बिल पास करने की पूरी तैयारी थी, लेकिन निजी अस्पताल के संचालकों के विरोध के चलते ऐसा नहीं हो पाया था। सीएम गहलोत ने संकेत दिए है कि बजट सत्र में राइट टू हैल्थ बिल पास किया जाएघा। 

राज्यपाल कलराज मिश्र ने 29 दिसंबर को बजट सत्र आहूत करने की मंजूरी दी थी। 23 जनवरी को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत होगी। इस बार राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस होगी। वित्त मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पांचवा और अपने मौजूदा कार्यकाल का अंतिम और चुनावी बजट पेश करेंगे। सीएम गहलोत चुनाव को ध्यान में रखकर ही बजट पेश करेंगे। सीएम गहलोत ने संकेत दिए है कि बजट में युवाओं, महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। बजट शानदार होगा। बजट घोषणाओं को पूरा किया जाएगा। माना जा रहा है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस बार लोक लुभावन और चुनावी बजट पेश करेंगे। बजट में किसान, युवा, बेरोजगारों, महिलाओं, एससी-एसटी और आम-गरीब वर्ग के साथ ही व्यापारी वर्ग का भी ख्याल रखा जाएगा।

सीएम गहलोत इस बार समय से पहले बजट पेश कर रहे हैं। गहलोत अपने तीसरे कार्यकाल के अंतिम वर्ष का बजट जल्द से जल्द पेश करना चाहते थे। इसलिए 29 दिसंबर को राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की थी। सीएम बजट सत्र में विधायकों का ध्यान रख सकते है। विधायकों की मांगें पूरी होने की संभावना है। कांग्रेस विधायक क्षेत्र के विकास के लिए अधिक बजट की मांग करते रहे हैं। बजट सत्र के बाद विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में दौरा तेज कर सकते हैं। माना जा है कि सीएम गहलोत का यह अंतिम बजट होगा। क्योंकि सरकार रिपीट भी होती है तो सीएम कौन रहेगा, इसको लेकर पार्टा ने कोई निर्णय नहीं लिया है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि सरकार रिपीट होने पर सीएम बनने पर निर्णय लिया जाएघा। 

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