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'मिशन 23' पर निकल पड़े पायलट, गहलोट की बढ़ाएंगे टेंशन; क्या है प्लान

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राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सोमवार से ‘मिशन-23’ की शुरुआत करने का जा रहे हैं। राज्य में इस साल के अंत में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले पायलट ताबड़तोड़ रैलियों और जनसंपर्क अभियान का आगाज कर रहे हैं। माना जा रहा है कि लंबे समय से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नजर टिकाए पायलट इन रैलियों से एक बार फिर शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे अगले चुनाव से पहले खुद को सीएम उम्मीदवार घोषित कराने की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं।

पिछले दिनों पायलट ने अपने शेड्यूल की घोषणा करते हुए कहा, ‘मैं राजस्थान के अलग-अलग जिलों में लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच रहूंगा। पायलट सबसे पहले नागौर जिले के परबस्तर इलाके में 16 जनवरी को किसान सम्मेन को संबोधित करेंगे। 17 जनवरी को हनुमानगढ़ के पिलिबंगा, 18 जनवरी को झुंझुनू के गुढ्ढा, 19 को पाली के सदरी में सभा करेंगे। 

गहलोत की टेंशन बढ़ाएंगे पायलट?
राजनीतिक जानकार सचिन पायलट की सभाओं को दिलचस्पी भरी निगाहों से देख रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ चल रही उनकी खटास के बीच रैलियों के प्रभाव का आकलन भी किया जा रहा है। माना जा रहा है कि पायलट का गुट इन सभाओं के जरिए जनता और पार्टी नेतृ्त्व के सामने यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि राज्य की कमान अब युवा पायलट के हाथ में दी जाए। पार्टी आलाकमान ने सचिन पायलट को सीएम बनाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन गहलोत के विरोध की वजह से इसे टालना पड़ा।

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