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पायलट की 'नसीहत', इज्जत दोगे तो इज्जत मिलेगी, युवाओं को भी मिले मौका

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के बीच जुबानी जंग जारी है। बीते कुछ दिनों से दोनों ही नेता एक दूसरे पर परोक्ष रूप से हमला बोल रहे हैं। सचिन पायलट ने एक और परोक्ष हमले में शुक्रवार को कहा कि किसी की परवरिश ऐसी होनी चाहिए कि वह दूसरों को सम्मान दे सके। पायलट ने इशारों ही इशारों में गहलोत पर हमला बोला कि लोगों को इज्जत दोगे तो इज्जत मिलेगी। पायलट छात्रों के बीच थे उन्होंने उनसे पूछा- मेरे बारे में क्या बोला। जवाब आया- कोरोना। पायलट ने फिर पूछा- जो पहले बोला वह बताओ तो जवाब आया- नाकारा-निकम्मा। 

पायलट ने कहा- 32 सलाखों के पीछे बिना हड्डी वाली जीभ को संतुलित करना बहुत महत्वपूर्ण है… क्योंकि मुंह से निकला शब्द कभी वापस नहीं आता है। चुनाव के दौरान हम अपने विरोधी का विरोध करते हैं लेकिन विरोध नीति और सिद्धांतों पर होना चाहिए। पिछले पांच दिनों से मैंने केवल मुद्दों पर भाषण दिया है। किसी पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया गया है। व्यक्तिगत आलोचना करना, गाली देना, कठोर शब्द बोलना बहुत आसान है।

पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने कहा कि उन्होंने 2013 से 2018 तक पार्टी के लिए पांच साल तक संघर्ष किया। नतीजतन पार्टी ने सरकार बनाई। इसके साथ ही उन्होंने नौजवानों से पूछा कि क्या उनमें संघर्ष की कमी है। टोंक से विधायक चुने गए सचिन पायलट ने यह भी कहा कि बड़ों को युवा पीढ़ी के बारे में भी सोचना चाहिए, युवाओं को मौका मिलना चाहिए। उनके साथ न्याय होना चाहिए। भाषा, विचार और कर्म ऐसे होने चाहिए जिन पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें।  

इसके साथ ही पायलट ने न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न (Jacinda Ardern) के इस्तीफे का भी जिक्र किया। पायलट (Sachin Pilot) ने कहा कि जैसिंडा आठ साल पहले पीएम बनीं लेकिन सार्वजनिक रैंकिंग में कम होने के कारण उन्होंने पद छोड़ दिया और पार्टी के लिए काम करने का फैसला किया। आज लगातार पांचवां दिन था, जब पायलट ने अपनी पार्टी की सरकार पर सवाल उठाया। बीते चार दिनों के दौरान किसान सम्मेलनों में पायलट ने पेपर लीक और पार्टी कार्यकर्ताओं के बजाय सेवानिवृत्त नौकरशाहों की राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को पायलट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि कथित भ्रष्टाचार के मामलों में पिछली भाजपा सरकार के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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