32.4 C
Jodhpur

पाकिस्तान के 190 हिंदुओं को भारत आने से रोका, क्यों नहीं मिली एंट्री?

spot_img

Published:

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का क्या हाल है यह जगजाहिर है। आए दिन पाकिस्तान से अल्पसंख्यकों के ऊपर हो रहे अत्याचार की खबरें आती रहती हैं। ऐसे में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के कुल 190 हिंदू तीर्थ के लिए भारत आना चाहते थे। मंगलवार को पाकिस्तान के इमीग्रेशन अधिकारियों ने इन 190 हिंदुओं को वाघा बॉर्डर पर रोक लिया। इन्हें भारत नहीं आने दिया गया।

तीर्थ और रिश्तेदार से मिलना चाहते थे
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुल 190 पाकिस्तानी हिंदुओं के जत्थे में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे। ये सभी लोग भारत के हरिद्वार में तीर्थ यात्रा के लिए आना चाहते थे। साथ ही ये लोग राजस्थान में अपने कुछ रिश्तेदारों से भी मिलना चाहते थे। भारत- पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें भारत जाने की परमिशन नहीं दी।

पाकिस्तानी अधिकारियों को हुआ शक
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के अधिकारियों ने तीर्थ पर भारत आ रहे हिंदुओं से पूछताछ की। पूछताछ में उन्हें शक हुआ कि ये हिंदू वापस पाकिस्तान नहीं आएंगे। इसी वजह से पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें भारत जाने की परमिशन नहीं दी। मिली जानकारी के मुताबिक, इमीग्रेशन अधिकारी पाकिस्तान हिंदुओं के जवाब से सहमत नहीं थे, इसी वजह से उन्हें वाघा बॉर्डर पर ही रोक लिया गया।

पाकिस्तानी से आए अधिकांश हिंदू राजस्थान के कुछ हिस्सों में बस रहे हैं। वो वापस पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं। हरिद्वार के तीर्थ पर आ रहे 190 हिंदुओं को इसी शक में पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत नहीं आने दिया। इन हिंदुओं को वाघा बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। मालूम हो कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें आती रहती हैं।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार, सिंध के कई हिस्सों से बच्चों और महिलाओं सहित विभिन्न हिंदू परिवार मंगलवार को वाघा बॉर्डर पहुंचे थे। उनके पास वीजा था और वे तीर्थयात्रा के लिए भारत जाना चाहते थे। खबर में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि हिंदू परिवार अक्सर धार्मिक तीर्थयात्रा के नाम पर वीजा लेते हैं और फिर लंबे समय तक भारत में रुक जाते हैं। अभी राजस्थान और दिल्ली में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी हिंदू खानाबदोश की तरह रह रहे हैं।

पाकिस्तान में अधिकतर हिंदू आबादी गरीब हैं और देश की विधायी व्यवस्था में उनका प्रतिनिधित्व नगण्य है। अधिकतर हिंदू आबादी सिंध प्रांत में बसती है, जहां मुस्लिम निवासियों के साथ उनकी संस्कृति, परंपराएं और भाषा मेल खाती है।

[bsa_pro_ad_space id=2]
spot_img
spot_img

सम्बंधित समाचार

Ad

spot_img

ताजा समाचार

spot_img
error: Content is protected !!