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नहीं पूरी हुई मांग, ‘ताकत’ दिखाने को सचिन पायलट तैयार; अब फैसला लेगा कांग्रेस आलाकमान?

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 राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन का कांग्रेस आलाकमान ने कई महीने पहले ही मन बना लिया था। सितंबर महीने में गहलोत के करीबी विधायकों की बगावत के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

राजस्थान में लंबे समय से मुख्यमंत्री बदलने की सचिन पायलट के गुट की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने पद पर बने हुए हैं और दावा करते रहे हैं कि उन्हें ही ज्यादातर विधायकों का समर्थन हासिल है। पिछले साल सितंबर महीने में हुए विवाद के बाद माना जा रहा था कि राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन तय है और सचिन पायलट को किसी भी समय कमान सौंपी जा सकती है, लेकिन अब तक ऐसा हो नहीं सका है। कई बार राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद अब सचिन पायलट सड़क पर उतरने की तैयारी कर चुके हैं। राजनीतिक जानकार पायलट की इन आमसभाओं और जनसंपर्क को कांग्रेस आलाकमान को ‘ताकत’ दिखाने के लिए लिया गया फैसला मान रहे हैं।

विवाद का अब तक क्यों नहीं निकला हल?
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन का कांग्रेस आलाकमान ने कई महीने पहले ही मन बना लिया था। सितंबर महीने में गहलोत के करीबी विधायकों की बगावत के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। सूत्रों की मानें तो पहले गुजरात चुनाव के खत्म होने का इंतजार किया गया, तो अब भारत जोड़ो यात्रा के खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है। दरअसल, आलाकमान कोई भी बड़ा फैसला लेने से अब तक इसलिए पीछे हट रहा है कि मीडिया से लेकर जनता तक का सारा ध्यान राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से हटकर राजस्थान विवाद पर चला जाएगा। ऐसे में यदि अशोक गहलोत या उनके करीबी विधायक कुछ परेशानी खड़ी करते हैं तो पूरी भारत जोड़ो यात्रा पर पानी फिर जाएगा। कन्याकुमारी से चली यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। सूत्रों की मानें तो आलाकमान इस यात्रा के बाद ही राजस्थान विवाद को हल करने पर कुछ विचार कर सकता है।

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