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दुनिया का पहला रोबोट वकील: अब रोबोट कोर्ट में जज के सामने बहस भी करेगा तो वकील क्या करेंगे?

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अदालत में मानव का बचाव करने वाला AI संचालित वकील: जब भी मशीनों और मनुष्यों की बात आती है, तो केवल एक चीज होती है जो उन्हें अलग करती है। मशीनें काम कर सकती हैं लेकिन उनके पास तर्क करने के लिए पर्याप्त बुद्धि नहीं है।

हालाँकि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से अब यह भी संभव है कि मशीनें तर्क और बहस करना शुरू कर दें। हमारे ऐसा कहने की एक ठोस वजह भी है।

अभी तक आपने देखा होगा कि रोबोट्स मैनुअल वर्क या प्रोग्रामिंग वर्क में मदद करने वाली मशीनों को कर सकते हैं, लेकिन पहली बार डिबेटिंग का काम भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सौंपा जा रहा है. बताया जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाले वकील फरवरी में अपना पहला केस लड़ने जा रहे हैं, हालांकि अभी इसकी सही तारीख या कोर्ट के बारे में नहीं बताया गया है.

दुनिया का पहला रोबोट वकील

इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट को ‘DoNotPay’ स्टार्टअप ने बनाया है, यह फोन पर चलेगा और रियल टाइम में कोर्ट की सारी दलीलें सुन सकेगा. दुनिया का पहला रोबोट वकील अगले महीने अपने मुवक्किल को चालान से बचाने के लिए केस लड़ेगा। आम वकीलों की तरह रोबोट वकील भी अपने मुवक्किल को हेडफोन के जरिए बताएगा कि उसे सुनवाई के दौरान क्या कहना है। चैटबॉट का नाम DoNotPay है और इसे जोशुआ ब्राउनर ने साल 2015 में बनाया था। पहले इसका काम सिर्फ उपभोक्ताओं को लेट फीस और जुर्माने की जानकारी देना था, लेकिन अब केस लड़ने का भी चलन हो गया है.

वकीलों की नौकरी पर खतरा!

जोशुआ ब्राउनर का कहना है कि यूरोपीय कोर्ट में मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले कई अच्छे वकील हैं लेकिन उनकी फीस बहुत अधिक है। ऐसे में चैटबॉट के जरिए केस लड़ना काफी सस्ता होगा क्योंकि इसमें डॉक्युमेंटेशन के लिए ज्यादा पैसे नहीं लगेंगे। इसकी फीस केस के हिसाब से 20 हजार से 1 लाख रुपए तक हो सकती है।

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