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दलाल नहीं सरगना को पकड़ो…पायलट हुए गहलोत और BJP दोनों से नाराज!

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मनमुटाव जगजाहिर है। आज सचिन पायलट ने राजस्थान पेपर लीक मामले में अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मामलों में छोटी मोटी दलाली करने वालों के बजाय सरगनाओं को पकड़ा जाना चाहिए। नागौर में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा, ‘नौजवानों के भविष्य की चिंता हम सब लोगों को है। मैं सच बताता हूं कि जब मैं अखबार में पढ़ता हूं…देखता हूं कि हमारे प्रदेश में कभी प्रश्नपत्र लीक हो गए, कभी परीक्षा रद्द हो गई तो मन आहत होता है। मन में पीड़ा होती है।’

मन में पीड़ा होती है…
लाखों युवाओं द्वारा परीक्षाओं की तैयारी किए जाने का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा, गांव में जब गरीब नौजवान तैयारी करता है तो उसके माता-पिता और उसके परिवार को काफी पीड़ा और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वह दिन रात मेहनत करके किताबों के लिए पैसे जुटाते हैं। उन्होंने कहा कि गांव का नौजवान विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई करके परीक्षा की तैयारी करता है, लेकिन जब ऐसा प्रकरण सामने आता है तो सच में मन बहुत आहत होता है।

बिना किसी का नाम लिए पायलट ने कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले समय में छोटी-मोटी दलाली करने वालों के बजाय जो सरगना हैं जो इस तरह के काम को होने देते हैं उनको पकड़ना चाहिए।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि इस देश के नौजवान को उसकी मेहनत का सही फल नहीं मिलेगा, तो उसके विश्वास में कमी आ जाएगी जो हमारे समाज, प्रदेश, हमारे देश के लिए अच्छा संकेत नहीं होगा।

पायलट साहब हमारे वरिष्ठ नेता हैं
वहीं जयपुर में खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से जब पायलट की टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में पायलट का कोई सुझाव होगा तो उनसे लेंगे। खाचरियावास ने संवाददाताओं से कहा, ‘पायलट किसी आरोपी का नाम बता देंगे तो हम उस को भी नहीं छोड़ेंगे। पायलट साहब भी तो हमारे घर के ही हैं…दूर थोड़ी ना हैं। उनका कोई सुझाव होगा तो ले लेंगे पायलट साहब हमारे वरिष्ठ नेता हैं.. कोई दिक्कत नहीं है।’

बता दें कि राजस्थान पुलिस ने दिसंबर में द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में अब तक 37 अभ्यर्थियों समेत कुल 55 लोगों को गिरफ्तार किया है। दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। इस मामले में एक स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेश बिश्नोई, एमबीबीएस छात्र भजनलाल और रायता राम चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी भूपेंद्र सारण व सुरेश ढाका अभी पकड़ से बाहर हैं।

भाजपा पर कसा तंज
किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवा और किसान मौजूद थे। पायलट ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार से फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर देश का किसान और नौजवान संगठित हो गया तो वह हर उस ताकत को जो तोड़ना चाहती है, अफवाह फैलाना चाहती और झूठ बोलकर सत्ता में आना चाहती है…उसे परास्त कर देगा।

पायलट ने कहा कि जाति, बिरादरी, धर्म, भाषा, प्रांत के नाम पर हो रही राजनीति के जहर को केवल दो कौमें ही तोड़ सकती हैं, एक है जवानी और दूसरी है किसानी। यहां जारी बयान के अनुसार पायलट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने तीन काले कृषि कानून बनाकर किसानों की कमर तोड़ने का काम किया पर किसानों ने आंदोलन कर सरकार को झुका दिया।

किसान सम्मेलन में राज्य सरकार के मंत्री हेमाराम चौधरी, परबतसर से विधायक रामनिवास गावड़िया, दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह चौधरी, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर भी मौजूद थे। पायलट ने अपने संबोधन में एक तरफ भाजपा पर जमकर निशाना साधा तो दूसरी ओर गहलोत सरकार से भी नाराजगी जताई।

राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को चार साल हो गए हैं। ऐसा बताया जाता है कि सचिन पायलट सीएम बनने की चाह रखते थे लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने गहलोत को सीएम बनाया। पायलट के समर्थक चाहते हैं कि गहलोत की जगह पायलट को सीएम बनाया जाए। इस साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आलाकमान गहलोत या पायलट में किस पर भरोसा जताती है।

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