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तमिलनाडु में BJP को बड़ा झटका, 13 पदाधिकारियों ने पार्टी छोड़ी

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तमिलनाडु में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. बुधवार को उसके 13 पदाधिकारियों ने राज्य में पार्टी छोड़ दी है और इसकी सहयोगी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम में शामिल हो गए हैं.

पार्टी को छोड़ने वाले ये 13 पदाधिकारी चेन्नई पश्चिम के आईटी विंग सें हैं.

ये घटनाक्रम तब सामने आया है जब बीजेपी की राज्य इकाई ने आरोप लगाया है कि एप्पादी पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके ने इन्हें शिकार बनाया है.

बीजेपी आईटी विंग के जिला अध्यक्ष अनबरासन ने एक बयान में कहा कि, ‘हम सालों से बीजेपी के लिए काम किए हैं. लोगों को पता है कि हमने कभी भी किसी पद की उम्मीद नहीं की है. पिछले कुछ दिनों से असामान्य स्थिति को देखते हुए हमने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है.’

बयान में 10 आईटी विंग डिस्ट्रिक्ट सचिवों और दो आईटी विंगं डिस्ट्रिक्ट उपसचिवों के हस्ताक्षर हैं.

हाल ही में कई बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ी है और एआईएडीएमके ज्वाइन की है.

मंगलवार को बीजेपी इंटेलेक्चुअल विंग के राज्य सचिव कृष्णनन, आईटी विंग स्टेट सचिव दिलीप कन्नन, त्रिची रूरल डिस्ट्रिक्ट उपाध्यक्ष विजय और राज्य ओबीसी विंग सचिव अम्मू ने एप्पादी पलानीस्वामी से मिलने के बाद एआईएडीएमके में शामिल हुए हैं.

यह घटनाक्रम बीजेपी स्टेट आईटी विंग के प्रमुख निर्मल कुमार के बीजेपी छोड़कर एआईएडीएमके में जाने के बाद आया है. जिन्होंने राज्य बीजेपी के अध्यक्ष अन्नामलाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

इसी तरह, आईटी विंग के राज्य सचिव कृष्णनन ने भी बीजेपी से इस्तीफा दिया है और अन्नामलाई पर आरोप लगाया है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर एआईएडीएमके और बीजेपी के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया है.

बीजेपी स्पोर्ट्स एंड स्किल डेवलेपमेंट स्टेट प्रेसिडेंट अमर प्रसाद रेड्डी ने अपनी ट्विटर पोस्ट में जिक्र किया है कि, ‘एआईएडीएमके को सहयोगी होने के नाते ऐसा नहीं करना चाहिए था.’

इस बीच अन्नामलाई ने कहा, ‘चार बीजेपी नेता शामिल हुए हैं, यह तमिलनाडु राज्य के लिए दुर्भाग्य की बात है जहां द्रविड़ नेता जो कि सोचते हैं कि वे बीजेपी से शिकार करके वे अपनी पार्टी को बढ़ा सकते हैं. सिर्फ यह दिखाता है कि बीजेपी बढ़ रही है.’

अन्नामलाई पर टिप्पणी करते हुए एआईएडीएमके आईटी विंग के सिंगई रामचंद्रन ने ट्विटर पर पलटवार किया है कि बीजेपी एक समय नोटा से भी कम वोट पाई थी, 2021 के चुनाव में बीजेपी के विधायक उसकी वजह जीते. एआईएडीएमके एक ऐसा संगठन है जिसने अकेले चुनाव को जीता. यह कहना केवल मजाक है कि एआईएडीएमके को बढ़ने के लिए बीजेपी की जरूरत है.

यहां तक कि इरोड ईस्ट उपचुनाव के दौरान एआईएडीएमके और बीजेपी के बीच वाकयुद्ध चल रहा था, कि बीजेपी ने राज्य के मुद्दों को लेकर कोई भूमिका नहीं निभाई. अब इस पर फिर से चर्चा हो रही है.


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