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गहलोत से सलाहकार पर CBI के छापे के बाद गरमाई सियासत, जानें वजह

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राजस्थान के मु्ख्यमंत्री अरविंद मायाराम के जयपुर स्थित ठिकानों पर सीबीआई ने छापे मारे जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी भूचाल आ गया है।सीबीआई की दिल्ली से आई टीम ने राजधानी जयपुर में गुरुवार को सीएम सलाहकार अरविंद मायाराम के सी-स्कीम स्थित आवास पर 1668 करोड़ रुपए के घोटाले के प्रकरण में छापेमारी की। इसके साथ ही अरविंद मायाराम के दिल्ली स्थित ठिकानों पर भी सीबीआई की टीम की ओर से छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। इस दौरान कई दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। बता दें, वर्ष 2012 में मनमोहन सिंह सरकार के दौरान अरविंद मायाराम केंद्रीय वित्त सचिव के पद पर कार्यरत थे. उस वक्त उन पर 1668 करोड़ रुपए की करेंसी प्रिंटिंग के घोटाले का आरोप लगा था। घोटाला उजागर होने के बाद सीबीआई ने प्रकरण दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी थी। उसी के तहत आज अरविंद मायाराम के दिल्ली और जयपुर स्थित आवास पर सीबीआई की ओर से छापेमारी की कार्रवाई की गई है। छापेमारी के दौरान सीबीआई टीम ने कई दस्तावेज बरामद किए हैं जिनकी जांच अभी की जाएगी।

अरविंद मायाराम ने यूपीए सरकार में केंद्रीय वित्त सचिव रहते हुए करंसी प्रिंटिंग को लेकर ब्लैक लिस्टेड की गई एक ब्रिटिश कंपनी को वर्ष 2012 में बिना टेंडर प्रक्रिया के ही नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कलरफुल धागे का 1668 करोड़ रुपए का टेंडर दे दिया था. जबकि ब्रिटिश कंपनी को वर्ष 2011 में ही घटिया मटेरियल होने के चलते ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया।

ब्लैक लिस्टेड कंपनी को 1668 करोड़ रुपए का टेंडर देने का मामला उजागर होने पर वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने अरविंद मायाराम को नोटिस देकर जवाब भी मांगा था. अरविंद मायाराम वर्तमान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार हैं और सीएम के करीबी भी माने जाते हैं. उनके खिलाफ आज हुई सीबीआई की कार्रवाई के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

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