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गहलोत और पायलट की खटास बरकरार, सचिन पायलट ने इन कार्यक्रमों से बनाई दूरी

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राजस्थान में महंगाई राहत कैंप शिविर प्रदेश भर में आयोजित हो रहे हैं। सीएम अशोक गहलोत खुद इन कैंपों का अवलोकन कर रहे हैं। गहलोत ने मंत्री और कांग्रेस के विधायकों को राहत कैंप में जाने के निर्देश दे रखे हैं। लेकिन पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अपनी ही सरकार के कार्यक्रम से दूरी बना ली है। इससे पहले पायलट ने फीडबैक कार्यक्रम से दूरी बनाई थी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सचिन पायलट ने वसुंधरा सरकार के समय हुए करप्शन पर कार्रवाई की मांग के लिए एक दिन का अनशन किया था। इसके बाद से ही पायलट सरकार और पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए है। हालांकि, पायलट समर्थक माने जाने वाले मंत्री और विधायक राहत कैंप शिविर में लोगों की मदद करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

 

सचिन पायलट के महंगाई राहत कैंप से दूरी पर अलवर प्रभारी मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि सभी उनमें जा रहे हैं, तो सचिन पायलट को भी इन महंगाई राहत कैम्पों में जाना चाहिए। सरकार की तरफ से प्रत्येक नेता व कार्यकर्ता को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कैम्पों का निरीक्षण कर रहे हैं। सभी मंत्री, जिलाध्यक्ष, कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई है। सरकार इन राहत कैम्पों के माध्यम से सत्ता में फिर से काबिज होने की योजना बना रही है।

 

शिक्षामंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि सरकार आमजन के लिए योजना शुरू करती है. उन योजनाओं का फायदा आमजन को मिलना चाहिए। देश में बढ़ती महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है। वैसे में राजस्थान सरकार ने आम आदमी को राहत पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लग रहे राहत कैम्पों में सरकारी अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा कैम्पों का निरीक्षण करने के लिए मंत्री, विधायक व कांग्रेस के नेताओं को भी लगाया गया है. सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है. ऐसे में कांग्रेस नेता सचिन पायलट को भी कैम्प में जाना चाहिए. कांग्रेसी कार्यकर्ता कैम्प में आने वाले लोगों की मदद कर रहे हैं। उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।

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