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‘गंगा सिर्फ जलधारा नहीं, यह भारत की तप-तपस्या की साक्षी है’- PM मोदी ने किया टेंट सिटी का उद्घाटन

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 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिए शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में टेंट सिटी का उद्घाटन किया और 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी.

पीएम ने कहा, ‘आज काशी से डिब्रूगढ़ के बीच दुनिया की सबसे बड़ी नदी जल यात्रा ‘गंगा विलास’ ​क्रूज का शुभारंभ हुआ है. इससे पूर्वी भारत के अनेक पर्यटक स्थल वर्ल्ड टूरिज्म के मैप में और प्रमुखता से आने वाले हैं.’

पीएम ने देशवासियों को लोहड़ी के साथ-साथ आने वाले त्योहारों को भी बधाई दी. उन्होंने कहा, ‘आज लोहड़ी का उमंग भरा त्योहार है. आने वाले दिनों में हम उत्तरायण, मकर संक्रान्ति, भोगी, बिहू, पोंगल जैसे अनेक पर्व मनाएंगे. मैं देश-दुनिया में इन त्योहारों को मना रहे लोगों को बधाई देता हूं.

गंगा केवल नदी नहीं धरोहर है

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ‘गंगा जी हमारे लिए सिर्फ एक जलधारा भर नहीं हैं बल्कि प्राचीन काल से इस महान भारत भूमि की तप-तपस्या की साक्षी हैं.’

‘भारत की स्थितियां-परिस्थितियां कैसी भी रही हों, मां गंगे ने हमेशा कोटि-कोटि भारतीयों को पोषित किया है.’

गंगा पर बन रहा राष्ट्रीय यह जलमार्ग पूरे देश के लिए एक मॉडल की तरह विकसित होगा जो राष्ट्रीय जलमार्ग ट्रांसपोर्ट, ट्रेड और टूरिज्म के लिए एक महत्वपूर्ण काम करेगा.

क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं का दोहन करने के लिए गंगा नदी के तट पर टेंट सिटी की परिकल्पना की गई है. यह परियोजना शहर के घाटों के सामने विकसित की गई है जो विशेष रूप से काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद से वाराणसी में रहने की सुविधा प्रदान करेगी. इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी के प्रारूप में वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया है.

पर्यटक आसपास के विभिन्न घाटों से नावों द्वारा टेंट सिटी जा सकते है. टेंट सिटी का संचालन हर साल अक्टूबर से जून तक किया जाएगा और बारिश के मौसम में नदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण तीन महीने के लिए इसे हटाया जाएगा.

पीएम मोदी ने बताया कि ये क्रूज 25 अलग-अलग नदियों से होकर गुजरेगा और जो लोग भारत के समृद्ध खान-पान का अनुभव लेना चाहते हैं उनके लिए भी ये बेहतरीन अवसर है.

रोजगार के अवसर

पीएम मोदी ने कहा कि ‘क्रूज़ टूरिज्म का ये नया दौर इस क्षेत्र में हमारे युवा साथियों को रोजगार-स्वरोजगार के नए अवसर देगा. विदेशी पर्यटकों के लिए तो ये आकर्षण होगा ही, देश के भी जो पर्यटक पहले ऐसे अनुभवों के लिए विदेश जाते थे, वो भी अब पूर्वी-उत्तर पूर्वी भारत का रुख कर पाएंगे.’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ’21वीं सदी का ये दशक, भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के कायाकल्प का दशक है. इस दशक में भारत के लोग आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वो तस्वीर देखने जा रहे हैं, जिसकी कल्पना तक मुश्किल थी.’

पीएम ने आगे कहा कि 2014 भारत में में सिर्फ 5 राष्ट्रीय जलमार्ग थे, अब 24 राज्यों में 111 राष्ट्रीय जलमार्गों को विकसित करने का काम हो रहा है. इनमें से लगभग दो दर्जन जलमार्गों पर सेवाएं चल रही हैं.

वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानन्द सोनोवाल, बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने भी संबोधित किया.


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