35.7 C
Jodhpur

क्या करवट लेगी सियासत? पायलट पर फैसला, गहलोत का भी तय होगा भविष्य

spot_img

Published:

साल के अंत में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान की राजनीति क्या करवट लेगी? कांग्रेस में 2018 से चले आ रहे झगड़े का अंत होगा या फिर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच नई जंग की शुरुआत हो जाएगी? ऐसे कई सवालों का जवाब आज ‘दिल्ली दरबार’ से मिल सकता है। अपनी ही सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठने वाले सचिन पायलट को लेकर आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में अपने आवास पर बैठक बुलाई है। इसमें जो कुछ भी फैसला होगा वह ना सिर्फ पायलट बल्कि अशोक गहलोत का सियासी भविष्य भी तय कर देगा।

क्यों पायलट के खिलाफ ऐक्शन मुश्किल?
सचिन पायलट बनाम अशोक गहलोत की लड़ाई पर कोई भी फैसला पार्टी के लिए आसान नहीं होने वाला है। पार्टी के लिए यह कितनी बड़ी मुश्किल है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पांच साल से चली आर रही खींचतान और कई बार दोनों नेताओं के ‘आर-पार’ मूड में आ जाने के बाद भी कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। गुर्जर समुदाय से आने वाले सचिन पायलट की राज्य के युवाओं के बीच अच्छी लोकप्रियता है। गुर्जर वोटर्स भी राजस्थान में काफी प्रभावशाली हैं और ऐसे में चुनाव से ठीक पहले पार्टी कोई ऐसा जोखिम नहीं लेगी। दूसरी तरफ पायलट को राहुल गांधी और प्रियंका का भी भरोसा हासिल है।

गहलोत का भी भविष्य हो जाएगा तय
दिल्ली दरबार में जो भी फैसला होगा उससे अशोक गहलोत का सियासी भविष्य भी तय हो जाएगा। यदि पायलट पर कोई ऐक्शन लिया जाता है तो गहलोत के लिए रास्ता साफ हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले समय में पायलट मुश्किलों में इजाफा कर सकते हैं। वह पहले ही कह चुके हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जंग जारी रहेगी।

[bsa_pro_ad_space id=2]
spot_img
spot_img

सम्बंधित समाचार

Ad

spot_img

ताजा समाचार

spot_img
error: Content is protected !!