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‘इलाज नहीं, मरना पसंद था’, कैंसर से जंग जीतने वाले संजय दत्त ने किया बड़ा खुलासा

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 हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार संजय दत्त (Sanjay Dutt) किसी अलग पहचान के मोहताज नहीं हैं. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग जीतने वाले संजय दत्त मौजूदा समय में लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं कि किस तरह से उन्होंने इस बीमारी को हराया और अब फिर से वह अपनी फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब संजय दत्त को कैंसर के बारे में पता लगा तो उन्होंने इसका इलाज कराने के लिए मना कर दिया था और वह कीमोथेरपी के जगह मरना चाहते थे. आइए जानते हैं कि आखिर संजय ऐसा क्यों चाहते थे.

कैंसर को लेकर संजय दत्त ने कही बड़ी बात

पिछले साल संजय दत्त फिल्म ‘केजीएफ 2’ (KGF 2) में नजर आए थे. अधीरा के विलेन रोल में संजय दत्त ने अपनी दमदार एक्टिंग से हर किसी का दिल जीता था. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान संजय दत्त ने अपनी कैंसर जर्नी को लेकर बात की है. ई टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार संजय दत्त ने कहा है कि- ‘जब मैं फिल्म ‘केजीएफ 2’ की शूटिंग कर रहा था, उस समय में मुझे पीठ में दर्द की काफी शिकायत थी.

जिसके चलते शूट के दौरान मुझे दवाओं के साथ-साथ गर्म पानी की बोतलों का सहारा लेना पड़ा था. लेकिन एक दिन मुझे सांस लेने में काफी दिक्कत हुई और फिर मैं चेक अप के लिए हॉस्पिटल गया, जहां मैं अकेला था और फिर वहां एक शख्स ने आके मुझे ये बताया कि मैं कैंसर से पीड़ित हूं. उस वक्त मेरे दिमाग में सिर्फ ये था कि मैं कीमोथेरपी लेना नहीं चाहता था. अगर मुझे मरना है तो बस मर जाऊं, मुझे कोई इलाज नहीं चाहिए था.’

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कैंसर का इतिहास पुराना

अपनी बात को आगे रखते हुए संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने बताया कि- ‘उनके परिवार में कैंसर का इतिहास पुराना है. मेरी मां नरगिस की मौत पेट (अग्नाश्य) के कैंसर की वजह से हुई थी. इतना ही नहीं मेरी पहली पत्नी रिचा शर्मा ने भी ब्रेस्ट कैंसर की वजह से दुनिया को अलविदा कह दिया था. लेकिन कैंसर के दौर उनकी वाइफ मान्यता दत्त और बहनें प्रिया और नम्रता दत्त ने मुझे काफी सपोर्ट किया. बाकी डॉक्टर्स की टीम ने मुझे इस गंभीर बीमारी पर जीत दिलाने में बड़ा सहयोग दिया.’

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