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‘अदालत के निर्णय से सहमत नहीं’, मानहानि केस में राहुल गांधी को मिला केजरीवाल का साथ

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सूरत की एक अदालत द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राहुल का साथ देते हुए गुरुवार को कहा कि लोकसभा सदस्य को इस तरह मानहानि के मुकदमे में फंसाना ठीक नहीं है और वह अदालत के निर्णय से असहमत हैं.

राहुल का पक्ष लेते हुए और बीजेपी पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विरोधी दलों एवं नेताओं पर मुकदमे करके उन्हें फंसाने की साजिश कर रही हैं.

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘ग़ैर भाजपा नेताओं और पार्टियों पर मुक़दमे करके उन्हें ख़त्म करने की साज़िश हो रही है. हमारे कांग्रेस से मतभेद हैं मगर राहुल गांधी जी को इस तरह मानहानि के मुक़दमे में फ़ंसाना ठीक नहीं.’

केजरीवाल ने कहा, ‘जनता और विपक्ष का काम है सवाल पूछना. हम अदालत का सम्मान करते हैं पर इस निर्णय से असहमत हैं.’

उल्लेखनीय है कि सूरत की एक अदालत ने गुरुवार को ‘मोदी सरनेम’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई है.

‘यह देश के लिए अच्छा नहीं’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय कानून मंत्री किरण रीजीजू ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से कांग्रेस को ही नुकसान हुआ है और उसके नेता चिंतित हैं कि पार्टी का बंटाधार हो रहा है.

उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस के कुछ नेताओं ने मुझे बताया है कि राहुल गांधी के काम करने के तरीके ने चीजों को गड़बड़ कर दिया है. इससे उनकी पार्टी को नुकसान हो रहा है. उनकी पार्टी डूब रही है.’

रीजीजू ने आगे कहा राहुल गांधी जो भी कहते हैं, उससे नुकसान होता है. इससे न केवल पार्टी को बल्कि दूसरों को भी नुकसान होता है. यह देश के लिए अच्छा नहीं है.

बता दे कि अदालत ने राहुल गांधी को जमानत दे दी और उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने की अनुमति देने के लिए सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है.

2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल ने मोदी सरनेम को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके 4 साल बाद सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि केस में दोषी करार दिया है.

हम डरेंगे नहीं, लड़ेंगे: कांग्रेस

पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘पहले न्यायाधीशों को बदला गया….हमको पहले से अंदाजा लग रहा था, लेकिन हम कानून और न्यायपालिका में विश्वास रखने वाले हैं और कानून के तहत लड़ेंगे.’’

बाद में उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कायर, तानाशाह भाजपा सरकार राहुल गांधी और विपक्ष से तिलमिलाई हुई है क्योंकि हम उनके काले कारनामों को उजागर कर रहे हैं. जेपीसी की मांग कर रहे हैं. राजनीतिक दिवालियेपन की शिकार मोदी सरकार, ईडी, पुलिस भेजती है. राजनीतिक भाषणों पर केस थोपती है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.’’

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘यह ‘न्यू इंडिया’ है, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाओगे तो ईडी, सीबीआई, पुलिस, प्राथमिकी सबसे लाद दिए जाओगे. राहुल गांधी जी को भी सच बोलने की, तानाशाह के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने की सजा मिल रही है. देश का कानून राहुल गांधी जी को अपील का अवसर देता है, वह इस अधिकार का प्रयोग करेंगे. हम डरने वाले नहीं हैं.’’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि राहुल गांधी की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह सच बोलते रहेंगे.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘डरी हुई सत्ता की पूरी मशीनरी साम, दाम, दंड, भेद लगाकर राहुल गांधी जी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है. मेरे भाई न कभी डरे हैं, न कभी डरेंगे. सच बोलते हुए जिये हैं, सच बोलते रहेंगे. देश के लोगों की आवाज उठाते रहेंगे. सच्चाई की ताकत व करोड़ों देशवासियों का प्यार उनके साथ है.’’

पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘‘अब तो हालत यह हो गई है कि मोदी जी का नाम लेने से ही मानहानि हो जाती है. राहुल गांधी ने किस संदर्भ में बयान दिया था, उसे तो देखिए. ललित मोदी, नीरव मोदी, ऐसे और भी मोदी हैं, जो देश का पैसा लूटकर भाग गए, उनके बारे में उन्होंने बात की थी.’’

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने आरोप लगाया, ‘‘शाह व शहंशाह एक ऐसा हिंदुस्तान चाहते हैं जहां विपक्ष चुपचाप कोने में पड़ा रहे, जहां मीडिया इनकी धुन पर नाचे, जहां संस्थाएं इनके इशारे पर काम करें.’’

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ऐसा नहीं होने देंगे. वह सवाल पूछते रहेंगे. उन्हें हिंदुस्तान से इश्क़ है. वह हिंदुस्तान को बर्बाद नहीं होने देंगे.’’

उल्लेखनीय है कि सूरत की एक अदालत ने ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ 2019 में दर्ज आपराधिक मानहानि के एक मामले में उन्हें बृहस्पतिवार को दो साल कारावास की सजा सुनाई.

अदालत ने राहुल गांधी को जमानत भी दे दी और उनकी सजा पर 30 दिन की रोक लगा दी, ताकि कांग्रेस नेता उसके फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें. फैसला सुनाए जाते समय राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे. वह आज सुबह सूरत पहुंचे.


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