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अडानी मामले में सबसे पहले CM गहलोत की हो जांच, ईरानी ने बताई वजह

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बीते कई दिनों से गौतम अडानी खबरों में बने हुए हैं। अडानी ग्रुप की शेयर में लगातार आ रही गिरावट का सिलसिला जस का तस जारी है। दरअसल, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से ही गौतम अडानी की कंपनी को काफी नुकसान हो रहा है। विपक्षी दल अडानी ग्रुप और हिंडनबर्ग रिपोर्ट के मुद्दे पर जांच के लिए कमेटी बनाने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष के इस हमलावर रुख पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता स्मृति ईरानी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप की जांच में सबसे पहले तो अशोक गहलोत की जांच होनी चाहिए।

सबसे पहले गहलोत की हो जांच
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि अडानी ग्रुप की जांच में सबसे पहले अशोक गहलोत की जांच होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि विपक्ष अडानी ग्रुप का मुद्दा उठाकर देश के सभी संस्थानों को काम करने से रोक रहा है।

गहलोत निवेश के लिए हाथ मिला चुके हैं
भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा, ‘अशोक गहलोत ने 60,000 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए अडानी ग्रुप से हाथ मिलाया है। यूपीए सरकार ने अडानी ग्रुप को 72,000 करोड़ रुपए कर्ज दिया है।’ ईरानी ने कहा कि अडानी ग्रुप के मामले में एलआईसी और एसबीआई ने पहले ही अपना बयान जारी कर दिया है। बता दें कि गहलोत सरकार ने इंवेस्ट राजस्थान समिट में अडानी ग्रुप के साथ 60,000 करोड़ रुपए के निवेश पर हस्ताक्षर किए थे।

गौरतलब है कि राजस्थान के इंवेस्ट समिट में गौतम अडानी ने जयपुर में क्रिकेट स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। साथ ही राजस्थान में 60,000 करोड़ रुपए के निवेश के लिए हस्ताक्षर भी किए थे। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि राजस्थान में कुल 40,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। बीते कुछ दिनों से विपक्षी दल अडानी ग्रुप को लेकर भाजपा पर हमला कर रहे हैं। इसी बीच स्मृति ईरानी ने बयान दिया कि अडानी ग्रुप की जांच में सबसे पहले अशोक गहलोत की जांच होनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए संसद के कार्यवाही को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। मालूम हो कि अडानी ग्रुप के कंपनियों के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है।

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