33.7 C
Jodhpur

अडाणी मामले पर JPC की मांग, जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल को लेकर विपक्ष का संसद में विरोध-प्रदर्शन

spot_img

Published:

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सोमवार को बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान अडाणी मामले में जेपीसी की मांग को लेकर फिर संसद में विरोध-प्रदर्शन किया. वहीं सत्तापक्ष ने विदेशी धरती से राहुल गांधी के उनके वक्तव्य को लेकर संसद में माफी की मांग की. इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अडाणी मामले पर हम जेपीसी गठित करने की मांग करते हैं. जब हम इस मुद्दे को उठाते हैं तो माइक बंद कर दिया जाता है और सदन में हंगामा शुरू हो जाता है.

उन्होंने कहा कि मोदी जी के राज में कानून और लोकतंत्र का राज नहीं है. वे देश को एक तानाशाही की तरह चला रहे हैं, और फिर वे लोकतंत्र की बात करते हैं.

वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में 16 पार्टियों ने इससे पहले बैठक की.

विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध जताया.

वहीं इससे पहले कांग्रेस सांसदों ने बजट सत्र के दूसरे चरण को लेकर मीटिंग की. बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले रणनीति बनाने के लिए संसद में पार्टी के संसदीय दल (सीपीपी) कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में कांग्रेस सांसदों की बैठक हुई.

बैठक में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, खड़गे और पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी मौजूद रहे. कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा सदस्य बजट सत्र की रणनीति तय करने के लिए की.

इसके अलावा बीआरएस और आप के सांसदों ने केंद्र सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और हिंडेनबर्ग रिसर्च मामले में जेपीसी मांग को लेकर संसद में विरोध जताते हुए नारेबाजी की.

दूसरी ओर भाजपा नेताओं राजनाथ, पीयूष गोयल समेत ने संसद में राहुल गांधी पर विदेश उनके वक्तव्य को लेकर हमलावर हुए. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से विदेशी धरती से भारत के लोकतंत्र की निंदा करने को लेकर माफी की मांग की.

कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के बयान का बचाव किया. उन्होंने कहा कि यह ओछी किस्म की राजनीति है क्योंकि राहुल गांधी ने वह नहीं कहा, जिसका उन पर आरोप लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ‘हम मुद्दों को आंतरिक रूप से हल करेंगे और बस चाहते हैं कि हर कोई जागरूक हो, भारतीय लोकतंत्र विश्व की जनता की भलाई के लिए है.’ ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके लिए उन्हें माफी मांगने की जरूरत है.

फिलहाल, इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के भारी हंगामे के बीच राज्यसभा को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.


[bsa_pro_ad_space id=2]
spot_img
spot_img

सम्बंधित समाचार

Ad

spot_img

ताजा समाचार

spot_img
error: Content is protected !!